सूखाग्रस्त इलाकों के छात्रों को परीक्षा फीस में छूट, नागपुर विश्वविद्यालय की आय घटेगी
राज्य सरकार के फैसले से सूखा प्रभावित तहसीलों के पात्र विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जबकि राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की परीक्षा शुल्क आय पर करीब 7 करोड़ रुपए तक का सैद्धांतिक असर हो सकता है।
राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित इलाकों के विद्यार्थियों को परीक्षा फीस से राहत देने का फैसला किया है। इसका सीधा असर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कमाई पर पड़ने वाला है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन इलाकों के विद्यार्थियों से आने वाली परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाए।
एक तरफ इससे छात्रों को राहत मिलेगी, तो दूसरी तरफ विश्वविद्यालय की तिजोरी पर बोझ पड़ेगा। नागपुर विश्वविद्यालय के दायरे में नागपुर और वर्धा जिले आते हैं, साथ ही गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील भी सूखा प्रभावित इलाकों में शामिल है। इन जगहों के विद्यार्थियों की फीस माफ होने से विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क से जो आय होती है, उसमें कमी आने की संभावना है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो विश्वविद्यालय में हर साल सिर्फ प्रथम वर्ष की परीक्षा में ही करीब 2.50 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। परीक्षा शुल्क के जरिए विश्वविद्यालय को करीब 35 करोड़ रुपए की आय होती है। सूखा प्रभावित तहसीलों में विद्यार्थियों की संख्या लगभग 50 हजार मानी जा रही है। अगर इन 50 हजार विद्यार्थियों को फीस माफी का फायदा मिलता है, तो प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों में इनका हिस्सा करीब 20 फीसदी बैठता है।
इसी अनुपात में आय का अंदाजा लगाया जाए तो विश्वविद्यालय की आमदनी पर लगभग 7 करोड़ रुपए तक का सैद्धांतिक असर हो सकता है। हालांकि असल में कितनी कमी आएगी, यह शुल्क की श्रेणी, पाठ्यक्रम और पात्र विद्यार्थियों की संख्या पर निर्भर करेगा।
नागपुर, वर्धा और गोंदिया जिलों को मिलाकर विश्वविद्यालय क्षेत्र में विद्यार्थियों की संख्या करीब 1.25 लाख बताई जा रही है। इनमें से सूखा घोषित तहसीलों में रहने वाले किसानों और खेत मजदूरों के बच्चों को ही शुल्क माफी का लाभ मिलेगा।
इस मामले में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों, प्र-उपकुलपतियों, कुलसचिवों और कॉलेजों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। इसके बाद उच्च शिक्षा संचालनालय ने परिपत्र जारी किया है। परिपत्र के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में होने वाली प्रथम सत्र की परीक्षाओं के लिए पात्र विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अब विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही कॉलेजों के लिए अधिसूचना जारी करेगा।
विश्वविद्यालय के दायरे में नागपुर की सभी 14 तहसीलें आती हैं। वर्धा जिले से वर्धा, सेलू, देवली, आर्वी, समुद्रपुर और हिंगनघाट शामिल हैं। गोंदिया से तिरोड़ा तहसील है, जबकि भंडारा से पवनी, लाखंदुर और भंडारा का नाम सूची में दिया गया है।
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