पूर्णेकर हत्या का कट एक महीने पहले रचे जाने का शक, अलिबाग के पास दो लोग हिरासत में
ठाणे में शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ बाळू पूर्णेकर की हत्या के मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस के हाथ कुछ चौंकाने वाली जानकारी लगी है। पुलिस जांच के मुताबिक शक है कि पूर्णेकर की हत्या की साजिश कुछ हफ्ते पहले ही रची गई थी।
जांच में सामने आया बताया जा रहा है कि हमले से पहले आरोपी पूर्णेकर की रोज की आवाजाही पर नजर रख रहे थे। इसके साथ ही हत्या कैसे करनी है, इसकी मॉक ड्रिल भी की गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने हत्या से पहले पूर्णेकर की हरकतों की जानकारी जुटा ली थी।
हत्या के बाद आरोपियों की तलाश के लिए ठाणे क्राइम ब्रांच ने नौ टीमें बनाई थीं। पुलिस ने पप्या शिंदे को हिरासत में लिया और उससे बाकी आरोपियों के बारे में जानकारी निकालने की कोशिश की। लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसने कोई ठोस जानकारी नहीं दी।
इसके बाद पुलिस ने पप्या शिंदे के संपर्क में रहे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस पूछताछ से पुलिस को अंदाजा मिला कि फरार आरोपी कहां छिपे हो सकते हैं। फिर पुलिस ने अलिबाग के पास एक दूध डेअरी पर छापा मारा। इस कार्रवाई में निखिल यादव और नितेश पवार को हिरासत में लिया गया। दोनों वहीं छिपे मिले। खबर है कि पुलिस को शक है कि वे गोवा की तरफ भागने की कोशिश में थे।
जांच में यह भी पता चला है कि नितेश पवार उर्फ भावड्या का आपराधिक रिकॉर्ड है। जांच के मुताबिक आरोप है कि निखिल यादव ने पूर्णेकर पर गोली चलाई, जबकि नितेश पवार ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया।
पुलिस को शक है कि हमले के बाद घटनास्थल से भागने के लिए गाड़ियों का इंतजाम पहले से किया गया था। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल हुई दो दोपहिया गाड़ियां जब्त की हैं। अब आरोपियों की आवाजाही, हथियारों की सप्लाई और हत्या की साजिश के पीछे के दूसरे लोगों की तलाश चल रही है।
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