चंद्रपुर के 15 में से 12 तालुकों में सूखा घोषित, कर्ज वसूली रुकी और बिजली बिल में छूट
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने सोमवार को समीक्षा बैठक में सूखा राहत के उपायों पर तेजी से अमल के निर्देश दिए।
चंद्रपुर जिले के 15 में से 12 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी वसुमना पंत ने सोमवार को अलग-अलग विभागों की समीक्षा बैठक ली। मकसद था कि सूखे से निपटने के उपायों में तेजी आए। उन्होंने कहा कि सूखाग्रस्त इलाकों के लोगों, किसानों और मवेशियों को जरूरी मदद वक्त पर मिले, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपस में तालमेल बिठाकर काम करें। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह मौजूद थे।
राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए विशेष बात के तौर पर 12 तरह के उपाय और रियायतें लागू करने का फैसला किया है। जिलाधिकारी पंत ने इन पर असरदार तरीके से अमल करने को कहा। जमीन के राजस्व में छूट देने पर हर तालुके में कितनी रियायत देनी पड़ेगी, इसकी जानकारी फौरन पेश करने को कहा गया है।
इन 12 उपायों में जमीन के राजस्व में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन, खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक, खेती के पंपों के चालू बिजली बिल में छूट और स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट शामिल हैं। इनके अलावा रोजगार हमी योजना के कामों के नियमों में ढील, जरूरत के मुताबिक पीने के पानी के लिए टैंकर, खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन न काटना, किसानों और खेत मजदूरों के लिए अनाज का इंतजाम, जानवरों के लिए चारा, जलसंधारण के काम शुरू करना और लोगों व जानवरों के लिए पानी का नियोजन भी इसी में आता है।
फसल कर्ज के पुनर्गठन को लेकर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक से कहा गया कि वे तुरंत बताएं कि जिले में अब तक कितने किसानों को कर्ज बांटा गया, कितनी कर्जमाफी हुई और कितने किसानों के कर्ज का पुनर्गठन करना जरूरी है। 2 अक्टूबर को होने वाली ग्रामसभाओं में कर्ज पुनर्गठन की जानकारी देने के लिए बैंक अधिकारियों की मौजूदगी पक्की करने को भी कहा गया। खेती से जुड़े कर्ज की वसूली रोकने के लिए बैंकों को लिखित आदेश दिए जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि अगर सूखाग्रस्त किसानों से कर्ज वसूली की शिकायत मिले तो संबंधित बैंक पर कार्रवाई की जाए।
सूखाग्रस्त तालुकों की हर ग्राम पंचायत में रोजगार हमी योजना के तहत कम से कम एक काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। खेती के पंपों के चालू बिजली बिल में छूट के लिए महावितरण को जरूरी नियोजन करना होगा। सूखे से निपटने के लिए जिला नियोजन समिति के फंड से अलग-अलग विभाग प्रस्तावित काम हाथ में लें। इन कामों की जानकारी 2 अक्टूबर की ग्रामसभा में लोगों को देने को भी कहा गया। जिलाधिकारी पंत ने यह भी कहा कि उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार के स्तर पर सभी संबंधित विभागों की बैठक लेकर सूखा राहत के उपायों की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार, उपजिलाधिकारी (रोहयो) शुभम दांडेकर, विभागीय वन अधिकारी राजन तलमले, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश धायगुडे, पशुसंवर्धन उपायुक्त डॉ. सुरेश कुमरे, आशिष सोनोने और जिला पुरवठा अधिकारी राहुल बहादुरकर समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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