नागपुर जिले के सभी 14 तालुके सूखाग्रस्त घोषित, विदर्भ में 39 तालुके शामिल
खरीफ सीजन 2026 में बारिश की कमी से पूर्व विदर्भ के छह जिलों में ट्रिगर-1 लागू, राहत उपाय शुरू
खरीफ सीजन 2026 में बारिश कम पड़ने और दूसरी वजहों से पूर्व विदर्भ के छह जिलों के 39 तालुकों में सरकार ने ट्रिगर-1 यानी पहली कड़ी लागू कर दी है। इसका मतलब है कि इन तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार के मदद और पुनर्वसन विभाग ने शनिवार को इस बारे में शासन निर्णय जारी किया, जिसमें इन तालुकों के लिए अलग-अलग राहत और छूट का ऐलान किया गया है।
जिन छह जिलों में यह लागू हुआ है उनमें वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली शामिल हैं। पूरे राज्य में कुल 265 तालुके इस दायरे में आते हैं, जिनमें से 39 तालुके अकेले पूर्व विदर्भ के हैं। नागपुर जिले के सभी 14 तालुके इसमें शामिल हैं - नागपुर, कामठी, सावनेर, पारशिवनी, मौदा, भिवापुर, कळमेश्वर, काटोल, रामटेक, हिंगणा, उमरेड, कुही, नरखेड और नागपुर शहर। वर्धा जिले से वर्धा, सेलू, देवळी, आर्वी, समुद्रपुर, हिंगणघाट और आष्टी तालुके भी सूची में हैं।
भंडारा जिले के भंडारा, पवनी और लाखांदूर तालुकों के साथ-साथ गोंदिया जिले के तिरोडा तालुके में भी ट्रिगर-1 लागू हुआ है। चंद्रपुर जिले से चंद्रपुर, भद्रावती, गोंडपिंपरी, राजुरा, कोरपना, मूल, वरोरा, सावली, चिमूर, नागभीड, सिंदेवाही और पोंभुर्णा तालुके शामिल किए गए हैं। गडचिरोली जिले के गडचिरोली और चामोर्शी तालुकों में भी यही स्थिति है। शासन निर्णय में साफ लिखा है कि फसलों के नुकसान की भरपाई तय प्रक्रिया के तहत अलग शासन निर्णय के जरिए बाद में घोषित की जाएगी।
ट्रिगर-1 बारिश की औसत मात्रा के आधार पर तय होता है, लेकिन अभी पंचनामे पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए कितने हेक्टेयर की फसल को नुकसान पहुंचा है, यह साफ नहीं हो पाया है। नागपुर समेत पूरे विभाग में धान की फसल को बड़ा झटका लगा है, और कपास और सोयाबीन का उत्पादन भी घटने वाला है। जिन तालुकों में ट्रिगर-1 लागू हुआ है, वहां के जिलाधिकारियों को तुरंत पंचनामे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे किए गए इलाकों की फसलों की तस्वीरें और जीपीएस लोकेशन इकट्ठा करके फसल की स्थिति की रिपोर्ट कृषि आयुक्त के जरिए सरकार को भेजी जानी है।
शासन निर्णय के तहत सूखाग्रस्त इलाकों के लिए कई राहत दी गई हैं - जमीन के महसूल में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन, खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक, कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में छूट और स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस माफ करना। इसके अलावा जहां जरूरत हो वहां टैंकर से पानी की सप्लाई करने, अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम करने और जल संधारण के काम शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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