उद्धव ठाकरे की मांग, ज्ञानेश कुमार को हो गिरफ्तारी
केंद्रीय चुनाव आयोग में एसआयआर और मतदान यंत्रों जैसे कई मुद्दों पर अंदरूनी फूट पड़ने की खबर एक अंग्रेजी अखबार में छपने के बाद देशभर में इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। बुधवार सुबह से ही विपक्षी नेता चुनाव आयोग पर निशाना साधने लगे। इसी बीच शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गुट के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने पत्रकार परिषद बुलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को फौरन गिरफ्तार करने की मांग कर डाली।
हुआ यह कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सुखबीर सिंग संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव के पास शिकायत की थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विरोध को नजरअंदाज करते हुए या दूसरों की राय लिए बिना कई फैसले ले लिए, ऐसी जानकारी उस अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में सामने आई। इसी घटनाक्रम पर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्रकार परिषद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जोरदार हमला बोला।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त की मनमानी चल रही थी, इसकी पुष्टि आज हो गई है। पार्टी तोड़ने वाली टोली के मुख्य सूत्रधार ज्ञानेश कुमार ही हैं। आज ज्ञानेश कुमार का असली चेहरा सबके सामने आ गया है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को फौरन जेल में डाला जाए।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि पिछले कई सालों से वे और उनकी पार्टी लगातार इसके खिलाफ आवाज उठाते आए हैं और आज वह बात सच साबित होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि जिसे असली बगावत कहते हैं, वह अब हो चुकी है, क्योंकि चुनाव आयोग अब इन दो आयुक्तों यानी संधू और जोशी का हो गया है। उनके मुताबिक, इन दोनों आयुक्तों ने मानो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को आयोग से हटा ही दिया है, क्योंकि इन दोनों आयुक्तों का बहुमत हो चुका है।
सत्ताधारी पक्ष पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भारत में एक टोली उत्पात मचा रही है, जो राजनीतिक पार्टियां तोड़ने, दूसरों की पार्टी चुराने और लोकतंत्र की हत्या करने जैसे काम कर रही है। उनके मुताबिक इस टोली का मुख्य सूत्रधार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही हैं, इसलिए उन्हें तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि यह टोली आखिर किसके इशारे पर काम कर रही थी, यह अब लोगों को समझ आ गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि चुनाव आयोग केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश मानता है, तो क्या इसके सूत्रधार गृहमंत्री हैं, इसका भी खुलासा होना चाहिए, ऐसी मांग उद्धव ठाकरे ने की।
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