मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

मुंबई में 2 अक्टूबर के CJP आंदोलन को परमिशन नहीं, अभिजीत दिपके ने दी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

पुलिस का कहना है कि शिवाजी पार्क में किसी भी सभा या आंदोलन की परमिशन देने का अधिकार उसके पास नहीं है, आयोजकों को दूसरी जगह के लिए अर्जी देने को कहा गया।

मुंबई में 2 अक्टूबर के CJP आंदोलन को परमिशन नहीं, अभिजीत दिपके ने दी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मुंबई में गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को होने वाले एक प्रस्तावित आंदोलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मुंबई पुलिस ने उनके प्रस्तावित आंदोलन को परमिशन देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे नागरिकों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर परमिशन नहीं मिली तो गांधी जयंती के दिन मुंबई में CJP की तरफ से जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अभिजीत दिपके के मुताबिक, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर आंदोलन की प्लानिंग की गई थी, लेकिन उनका दावा है कि मुंबई पुलिस ने इस आंदोलन को परमिशन देने से मना कर दिया। उन्होंने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नागरिकों को अपनी बात रखने का हक है, और आंदोलन को परमिशन न देना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने अपनी पोस्ट में साफ कहा कि अगर परमिशन नहीं मिली तो CJP की ओर से गांधी जयंती के दिन मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस मामले पर मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर सफाई दी है। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क में किसी भी सभा या आंदोलन को परमिशन देने का अधिकार खुद मुंबई पुलिस के पास नहीं है। इसके लिए पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 2013 के एक फैसले और महाराष्ट्र सरकार के 2016 के आदेश का हवाला दिया है। यानी पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क में आंदोलन की परमिशन नकारने के पीछे पुलिस का अपना कोई अलग फैसला नहीं है, बल्कि यह पहले से तय नियमों का पालन है।

मुंबई पुलिस ने बताया कि इस मामले में अर्जी देने वाले अजिंक्य शिंदे को इस बारे में जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने उन्हें सलाह दी है कि शिवाजी पार्क की जगह मुंबई शहर के किसी और स्थान पर आंदोलन का आयोजन किया जाए। साथ ही पुलिस ने कहा कि दूसरी जगह के लिए परमिशन चाहिए तो उसके लिए अलग से अर्जी दी जाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वैकल्पिक जगह के लिए अर्जी मिलने के बाद नियम के मुताबिक उस पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल गांधी जयंती के दिन मुंबई में प्रस्तावित इस आंदोलन को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। एक तरफ आंदोलन के आयोजकों का दावा है कि उन्हें परमिशन नकार दी गई, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने साफ किया है कि शिवाजी पार्क के लिए परमिशन देने का अधिकार ही उसके पास नहीं है। ऐसे में अब यह देखना बाकी है कि आंदोलन के लिए कोई वैकल्पिक जगह तय होती है या नहीं, उसे परमिशन मिलती है या नहीं, और 2 अक्टूबर को असल में आंदोलन का स्वरूप क्या रहता है। जेल भरो आंदोलन की चेतावनी के चलते गांधी जयंती के दिन मुंबई में होने वाली गतिविधियों पर सबकी नजर टिकी है।

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