विदर्भ के 8 जिलों में गहराया सूखा, अमरावती-अकोला में 40% कम बारिश, फसलों पर संकट
विदर्भ के 11 में से सिर्फ 3 जिलों में औसत बारिश हुई, 8 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।
विदर्भ में इस बार बारिश का हाल ठीक नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक विदर्भ के 11 जिलों में से सिर्फ 3 जिलों में ही औसत बारिश हुई है। बाकी जिलों में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है।
विदर्भ के 11 में से 8 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी कम रहा है। इनमें अमरावती (-43%) और अकोला (-41%) में बारिश की स्थिति सबसे खराब है। नागपुर में भी 34 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है। अमरावती, अकोला, गड़चिरोली और वाशिम जैसे जिलों में आने वाले समय में पानी को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
विदर्भ और पूरे महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से मौसम का चक्र तेजी से बदल रहा है। जलवायु परिवर्तन की वजह से अब कम समय में बहुत ज्यादा और मूसलाधार बारिश की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
चोपणे के अनुसार 2013 से 2018 के बीच नागपुर जिले में सितंबर महीने की बारिश का पैटर्न काफी हद तक सामान्य था। लेकिन 2019 के बाद से बारिश के आंकड़ों में अप्रत्याशित उछाल आया है।
इस बदलाव में शहरीकरण और 'अर्बन हीट आइलैंड' का असर भी बताया गया है। बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और कंक्रीट के निर्माण की वजह से जमीन की गर्मी सोखने की प्राकृतिक क्षमता खत्म हो चुकी है। घने निर्माण और औद्योगीकरण की वजह से शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर हवा का दबाव प्रभावित होता है।
खरीफ सीजन की मुख्य फसलों सोयाबीन, कपास और धान को इस समय पर्याप्त पानी की जरूरत है। बारिश की कमी और उसके असमान बंटवारे की वजह से फसलों की पैदावार पर असर पड़ने की पूरी संभावना है। इससे किसानों पर आर्थिक संकट गहरा सकता है।
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