13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का आरोप, ज्ञानेश कुमार पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद कांग्रेस समेत सारे विरोधी दल इस्तीफे या महाभियोग की मांग पर उतर आए हैं।
चुनाव आयोग के अंदर ही हलचल मच गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों ने खुलकर आपत्ति जताई है, और इसी वजह से आयोग की साख पर सवाल उठने लगे हैं। देशभर में इस मुद्दे पर गुस्सा दिख रहा है। कांग्रेस समेत सारे विरोधी दलों ने एक सुर में चुनाव आयोग के काम पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें, वरना उनके खिलाफ महाभियोग लाया जाए।
इस दबाव के बीच कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार में थोड़ी भी नैतिक ईमानदारी बची है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस "घृणित साजिश" के लिए प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस बीच गोवा में एक बूथ के वोटर रजिस्ट्रेशन अफसर ने कागजातों की जांच की।
संसद में भी विरोधी दल लामबंद हो गए हैं। दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने की तयारी चल रही है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बाकी विरोधी दलों से बात की है और आने वाले दो हफ्तों में नोटिस दाखिल करने वाली है।
कांग्रेस सांसद प्रियांका गांधी ने तो और आगे बढ़कर मांग रख दी कि ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का केस चलाया जाए। उनका कहना है कि 13 करोड़ वोटरों के नाम जान-बूझकर वोटर लिस्ट से हटाकर एक अन्यायपूर्ण चुनाव को रास्ता दिया गया है। प्रियांका गांधी ने कहा, "जो कोई भी लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में छेड़छाड़ करता है, वो देशद्रोह कर रहा है। हमारा स्टैंड बिलकुल साफ है।"
केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी (केपीसीसी) मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर 25 सितंबर को लोक भवन तक मार्च निकालने वाली है।
दूसरी तरफ सीजेपी संगठन ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत तीन मांगों के लिए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संगठन के प्रमुख अभिजित दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते, तो देशभर में "चुनाव बचाओ" मुहिम छेड़ी जाएगी और दिल्ली में "जंतर मंतर 2.0" नाम का आंदोलन शुरू होगा। सीजेपी ने तीन मांगें रखी हैं, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ कार्रवाई, जनवरी 2024 की वोटर लिस्ट को फिर से बहाल करना, और एसआयआर को रोककर 2023 का वो कानून रद्द करना जो आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देता है। दीपके के साथ राष्ट्रीय संयोजक सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के काम-काज पर सवाल उठाए।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।