राहुल गांधी का मोदी सरकार और CEC पर हमला, ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और मतचोरी को देशद्रोह बताया।
नई दिल्ली में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय चुनाव आयोग यानी CEC पर सीधा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि देश की स्वायत्त संस्थाओं और वोटों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि 1947 में आजादी के बाद से देश ने आज तक ऐसा संकट कभी नहीं देखा।
राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और तथाकथित वोट चोरी को देशद्रोह करार दिया। उन्होंने आक्रामक तेवर में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस पूरे मामले में तुरंत माफी का साक्षी बनना चाहिए और अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का ऐतिहासिक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध में ऐतिहासिक जीत के बाद भी देश में एंटी-इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर आई थी और सरकारें बदली थीं, जिसका असर इंदिरा गांधी की सरकार पर भी पड़ा था। महाराष्ट्र और हरियाणा में भी लगातार सरकारें बदलती रहीं। लेकिन अब भाजपा के दौर में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है, ऐसा राहुल गांधी ने कहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में हुई वोट चोरी सबसे गंभीर मामलों में से एक है और वहां जिस पैमाने पर गड़बड़ी हुई है वह बेहद चिंताजनक है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर सत्ता विरोधी लहर के बावजूद भाजपा को इसका नुकसान क्यों नहीं होता।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति खुद प्रधानमंत्री ने की थी और अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने ही उन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी ज्ञानेश कुमार को सलाह है कि वे तुरंत इस्तीफा दें और इस पूरे मामले में माफी के साक्षी बन जाएं, क्योंकि हमें सब कुछ पता है, यह बात उन्हें भी अच्छी तरह मालूम है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि वोट देश की लोकतंत्र की नींव है। अगर वोटों से ही छेड़छाड़ हुई तो हमारे संविधान की ताकत खत्म हो जाती है और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों की वैधता पर भी सवाल खड़ा हो जाता है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में कांग्रेस ने महाराष्ट्र को लेकर विस्तृत सबूत पेश किए थे और उन्होंने खुद प्रधानमंत्री को असहमति पत्र भी दिया था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब हम चुप नहीं बैठेंगे, इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि जिन-जिन लोगों ने यह वोट चोरी की है, कानून उन्हें नहीं छोड़ेगा और हर किसी को जवाब देना ही होगा।
वहीं दूसरी ओर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक विवाद खड़ा हो गया है। सामने आया है कि आयोग के दो अन्य आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ही ज्ञानेश कुमार के कामकाज के तरीके पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
सत्ताधारी पार्टी के फायदे के लिए काम करके निष्पक्षता भंग करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस ने बाकी विपक्षी दलों से बातचीत की है और संसद के दोनों सदनों में आने वाले दो हफ्तों के भीतर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग यानी इम्पीचमेंट की नोटिस पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम से राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल मच गई है।
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