SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबर, जानिए तीनों अधिकारियों की शैक्षणिक-प्रशासनिक पृष्ठभूमि
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ही मतभेद हैं। आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।
चुनाव आयोग इन दिनों SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर सुर्खियों में है। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि खुद चुनाव आयोग के अंदर ही SIR प्रक्रिया को लेकर मतभेद चल रहे हैं। इस रिपोर्ट में मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी, की तरफ से उठाई गई आपत्तियों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें यह भी कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार आयोग के भीतर एकतरफा फैसले ले रहे हैं।
रिपोर्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता डेटा तक पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए बताए गए हैं। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय और टिप्पणियां आना सामान्य बात है, और पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले आपसी सहमति से ही हुए हैं। ऐसे में अब जानते हैं कि फिलहाल चुनाव आयोग की कमान संभाल रहे इन तीनों अधिकारियों का प्रशासनिक सफर अब तक कैसा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके अलावा उन्होंने बिजनेस फाइनेंस और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एन्वायरनमेंटल इकोनॉमिक्स की पढ़ाई भी की है। केरल में वे सब कलेक्टर, जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और अलग-अलग विभागों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। केंद्र सरकार में वे रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय में सहसचिव और अपर सचिव रहे। बाद में उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय के सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। गृह मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों पर भी काम किया। इसके बाद 2024 में उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया और 19 फरवरी 2025 को उन्होंने भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला। उनके कार्यकाल में 2024 की लोकसभा चुनाव के अलावा जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव, साथ ही हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनाव भी कराए गए।
सुखबीर सिंह संधू भी 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, लेकिन उत्तराखंड कैडर से हैं। वे जुलाई 2021 से जनवरी 2024 तक उत्तराखंड के मुख्य सचिव रहे। इससे पहले करीब 2 साल तक वे NHAI यानी नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रहे। केंद्र में उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग में अपर सचिव रहते हुए आईआईटी और आईआईएम से जुड़े मामले देखे। इसके अलावा वे उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश सरकार में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। संधू को 25 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त बनाया गया था। चुनाव आयोग की जानकारी के मुताबिक वे एमबीबीएस हैं और उनके पास इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री भी है।
डॉ. विवेक जोशी 1989 बैच के हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे 19 फरवरी 2025 को चुनाव आयुक्त के तौर पर चुनाव आयोग में शामिल हुए थे। इससे पहले वे हरियाणा के मुख्य सचिव थे। जोशी केंद्र सरकार में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग तथा वित्तीय सेवा विभाग के सचिव रह चुके हैं, इसके अलावा वे भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हरियाणा में वे जींद, हिसार और पंचकूला के उपायुक्त और अंबाला के मंडल आयुक्त भी रह चुके हैं। उन्होंने रुड़की यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उनके पास इंटरनेशनल बिजनेस में एग्जीक्यूटिव मास्टर्स और जिनेवा से इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में मास्टर्स और पीएचडी की डिग्री भी है। वे RBI और SBI के बोर्ड में सदस्य के तौर पर भी रह चुके हैं।
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