गोंडपिपरी के सोमनपल्ली में खेत से लौटती महिला पर बाघ का हमला, हालत गंभीर
गोंडपिपरी तालुका के सोमनपल्ली खेत-खलिहान में सोमवार शाम बाघ ने रोजा शिवमोहन उराडे पर हमला किया।
गोंडपिपरी तालुका के सोमनपल्ली के खेतों में बाघ के हमले के बाद डर का माहौल है। सोमवार शाम खेत का काम खत्म करके बैलों के साथ घर लौट रही रोजा शिवमोहन उराडे पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। वे गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं और उनका इलाज गोंडपिपरी ग्रामीण अस्पताल में चल रहा है।
यह घटना धाबा वनपरिक्षेत्र के चेक से लगे सोमनपल्ली परिसर में हुई। मिली जानकारी के मुताबिक रोजा उराडे शाम के वक्त खेत के रोज के काम निपटाकर बैलों को साथ लेकर घर के लिए निकली थीं। तभी खेत की मेड़ पर घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर और बैलों पर झपट्टा मारा।
बाघ के अचानक आ जाने से बैल बुरी तरह घबरा गए और इधर-उधर भाग खड़े हुए। इसी अफरातफरी में बाघ ने रोजा उराडे पर हमला करके उन्हें जख्मी कर दिया।
इसी बीच बाघ ने एक बैल को खींचकर ले जाने की कोशिश भी की। लेकिन बैल मौके से भाग निकले और बाघ की यह कोशिश नाकाम रही। इस घटना से सोमनपल्ली और आसपास के इलाके में काफी दहशत फैल गई है।
हमले की खबर मिलते ही वन विभाग के लोग गोंडपिपरी ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। क्षेत्र सहायक एम. डी. पेंदोर, वनरक्षक एस. जी. नगारे, वनरक्षक सोनी मरमुरीवार, वनरक्षक भिवापूरे मैडम और गोंडपिपरी के वनरक्षक एस. जी. झारखंडे समेत वन कर्मचारियों ने जख्मी महिला का हालचाल पूछा। उन्होंने घटना का पंचनामा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
धाबा और गोंडपिपरी तालुका के खेतों में जंगली जानवरों, खासकर बाघ की आवाजाही काफी बढ़ गई है। इससे खेत मजदूरों और किसानों की सुरक्षा का सवाल फिर से गंभीर हो गया है। स्थानीय गांव वालों की तीखी मांग है कि वन विभाग सिर्फ पंचनामा करके न रुके, बल्कि नरभक्षी या हिंसक जंगली जानवरों का बंदोबस्त करे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।