ठाणे में शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या, परिवार का पुलिस स्टेशन के बाहर धरना
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाणे में तनाव है। परिवार और समर्थक कापूरबावडी पुलिस स्टेशन के बाहर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर डटे हैं।
ठाणे में शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) गुट के विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद शहर में तनाव का माहौल है। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 की रात मानपाडा इलाके में पूर्णेकर पर हमला हुआ। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन पर गोलीबारी की गई और शारीरिक हमला भी किया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के लिए पूर्णेकर का पार्थिव शरीर मुंबई के जे. जे. अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद परिवार ने पार्थिव शरीर अपने कब्जे में ले लिया। पूर्णेकर का परिवार और उनके समर्थक सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कापूरबावडी पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। जानकारी सामने आ रही है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होने तक परिवार ने पार्थिव शरीर पुलिस स्टेशन के बाहर ही रखने का फैसला किया है।
पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर और कई कार्यकर्ता कापूरबावडी पुलिस स्टेशन पहुंचे। राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की हत्या के पीछे साजिश है। पुलिस ने हत्या की असल वजह तय करने के लिए जांच जारी रखी है और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार दोपहर तक की खबरों के मुताबिक पप्या उर्फ पपू शिंदे और आकाश निमसे को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में पांच संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। ये नाम हैं निखिल यादव, पप्या शिंदे, आकाश निमसे, संतोष कनोजिया और एक अनजान व्यक्ति। इनमें से पप्या शिंदे और आकाश निमसे को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम ने बताया कि बाकी संदिग्धों को ढूंढने के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की कुल नौ टीमें लगी हुई हैं। घटनास्थल और आसपास के मुख्य रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर घटनास्थल तक कैसे पहुंचे और हमले के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
हत्या के बाद परिवार में भारी गुस्सा है। परिवार का कहना है कि हमले में शामिल सभी आरोपियों और हत्या के पीछे के कथित सूत्रधारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। प्रदीप पूर्णेकर के भाई जयनाथ पूर्णेकर ने भी हत्या के पीछे के सूत्रधारों का पता लगाने की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गोली चलाने वाले कौन थे, हमले का निर्देश किसने दिया और इस हत्या के पीछे आखिर कौन है, इसकी गहरी जांच होनी चाहिए।
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