राहुल गांधी का पीएम मोदी और अमित शाह पर सीधा हमला, चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक पत्रकार परिषद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का दावा है कि वह पंद्रह से पचास साल तक सत्ता में रहेगी। उन्होंने कहा, "मैं एक राजनीतिक परिवार से आता हूं, लेकिन मैं ऐसा दावा नहीं कर सकता।"
राहुल गांधी ने कहा कि इंदिरा गांधी भारत की सबसे लोकप्रिय नेता थीं, फिर भी उनके खिलाफ सत्ताविरोधी लाट थी। वाजपेयी के खिलाफ भी सत्ताविरोधी लाट थी। मनमोहन सिंह के खिलाफ भी सत्ताविरोधी लाट थी, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ताविरोधी लाट गायब हो गई है। उन्होंने कहा कि पांच साल, फिर पांच साल, भाजपा सत्ता में है। राहुल गांधी ने सवाल किया कि मोदी-शाह सरकार के खिलाफ सत्ताविरोधी लाट क्यों नहीं है।
केंद्रीय चुनाव आयोग के तीनों मुख्य चुनाव आयुक्तों के बीच एसआईआर को लेकर मतभेद सामने आने के बाद देश भर में हलचल मच गई है। देश भर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्से की लहर उठने लगी है। इन्हीं घटनाओं के बीच राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के साथ साथ केंद्र सरकार पर भी हमला बोला है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ सत्ताविरोधी लाट गायब हो गई है। उन्होंने पूछा कि हरियाणा में सत्ताविरोधी लाट गायब होने की वजह क्या है। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ताविरोधी लाट सबसे बड़ी ताकत है और उन्हें हमेशा हैरानी होती थी कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ सत्ताविरोधी लाट क्यों नहीं दिखती। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी चुनावों में हेरफेर की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संविधान पर सीधा हमला है, कि ये लोग गद्दार हैं, और पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हर साजिश में शामिल हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वे देश के साथ विश्वासघात नहीं होने देंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पिछले पचास साल से सत्ता बदलती रही है, फिर भी वह लगातार एक ही पार्टी के पास जाती रहती है और अचानक सत्ताविरोधी लाट गायब हो जाती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी ऐसा ही होता है, वहां भी लाट अचानक गायब हो जाती है। उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलती है, कभी समाजवादी पार्टी को तो कभी बसपा को, लेकिन वहां भी वह गायब हो जाती है। मध्य प्रदेश और गुजरात में भी ऐसा ही होता है। राहुल गांधी ने कहा कि यह उनके लिए एक बुनियादी सवाल बना हुआ है, कि वे किसी व्यक्ति की लोकप्रियता और सरकार के कामकाज को समझ सकते हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आता कि सत्ताविरोधी लाट कैसे गायब हो जाती है।
राहुल गांधी ने बताया कि 21 दिसंबर 2023 को एक अजीब कानून पास किया गया, जिससे चुनाव आयुक्त जांच के दायरे से बाहर हो गए और उनके खिलाफ कोई जांच नहीं की जा सकती, वे कानूनी व्यवस्था के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद 7 फरवरी को उन्होंने महाराष्ट्र के मुद्दे पर एक पत्रकार परिषद की थी, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर बताया कि क्या हो रहा है और सबूत पेश किए। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को एक असहमति पत्र दिया था, लेकिन उस समय भी उनकी बात को नजरअंदाज किया गया।
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