महाराष्ट्र में दुष्काळ के बीच फडणवीस बोले, जुलै 2027 तक पीने का पानी बचाने का प्लान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा कि अगले साल की बारिश पर एल निनो का असर हो सकता है, इसलिए बड़े बांधों का पानी जुलै 2027 तक पीने के लिए रिजर्व रखने पर विचार चल रहा है।
राज्य के 265 तालुकों में दुष्काळ की स्थिति को लेकर पहले से ही चिंता बढ़ी हुई है, और अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अगले साल की मानसून बारिश पर भी एल निनो का साया मंडरा रहा है। फडणवीस रविवार को नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
फडणवीस के मुताबिक इस साल एल निनो की वजह से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में ठीक से बारिश नहीं हुई, जिसके चलते अभी से ही पानी की कमी महसूस होने लगी है। आने वाले समय में एल निनो का असर और बढ़ने का अंदाजा लगाया गया है, और अगर ऐसा हुआ तो अगले साल की बारिश पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।
इसी गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जुलै 2027 तक पीने के पानी का इंतजाम पक्का करने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हर जिले को कहा गया है कि वहां मौजूद पानी का स्टॉक और जुलै 2027 तक की जरूरत का हिसाब लगाकर एक प्लान बनाए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य के कुछ बड़े बांधों में पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। ऐसे बांधों का पानी जुलै 2027 तक पीने के लिए रिजर्व रखकर बचा हुआ पानी उद्योगों और रबी की फसलों के लिए इस्तेमाल करने का फैसला लिया जा सकता है।
एल निनो पर आगे बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि अभी जो एल निनो चल रहा है वह अभी अपने पीक पर नहीं पहुंचा है। एक्सपर्ट्स के हिसाब से यह फरवरी में अपने चरम पर पहुंचेगा, और उसके बाद इसमें कमी आनी शुरू होगी। उन्होंने बताया कि पैसिफिक महासागर में गर्मी बढ़ने की वजह से एल निनो बनता है, और जब यह ठंडा होगा तो मौसम में बदलाव होगा और तब जाकर एल निनो का असर कम होगा। लेकिन उनका कहना था कि हर तरह की तैयारी रखनी होगी, क्योंकि अगर एल निनो का असर और बढ़ा तो उससे होने वाली दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा।
इसके साथ ही फडणवीस ने दुष्काळ के हालात को देखते हुए लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फिजूल खर्च कम करके सिर्फ जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च किया जाए, और हर किसी को यह सोचना चाहिए कि बचत करके दुष्काळ में मदद कैसे की जा सकती है।
बता दें कि राज्य सरकार ने शनिवार को ही महाराष्ट्र के 265 तालुकों में ट्रिगर 1 दुष्काळ की घोषणा कर दी थी, यानी राज्य के करीब 75 फीसदी हिस्से में दुष्काळ जाहीर किया जा चुका है। दुष्काळ की घोषणा होने के बाद अब इससे निपटने के लिए अलग-अलग उपाय ऐलान होंगे और उन्हें लागू किया जाएगा।
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