महाराष्ट्र में सूखा घोषित, फिर भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी बरकरार
कोकण और पूर्व विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश की संभावना, गडचिरोली के भामरागड में बाढ़ से 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा, मुंबई में उमस बढ़ी
पिछले दो महीने से लगातार बरस रहे मानसून ने अब महाराष्ट्र से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में अभी भी बादल छाए रहेंगे और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ हल्की बारिश हो सकती है, ऐसा मौसम विभाग ने बताया है।
दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से मानसून पूरी तरह लौट चुका है। गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी बारिश ने पीछा छुड़ा लिया है। हालांकि पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ में अभी भी एक तेज कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, इसलिए वहां से मानसून की वापसी नहीं हुई है।
महाराष्ट्र की बात करें तो राज्य के ज्यादातर हिस्सों में लोग अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ती हैं तो कुछ ही देर में धूप तेज हो जाती है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्व विदर्भ और कोकण में इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश हो सकती है। सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगड, ठाणे, नाशिक घाट, पुणे घाट, सातारा घाट, कोल्हापुर घाट, सांगली, सातारा, पुणे, सोलापुर, अहिल्यानगर, बीड, धाराशिव और लातूर जिलों में बिजली कड़कने के साथ हल्की बौछारें पड़ने का अंदाजा है। बाकी राज्य में बस बादल छाए रहेंगे और धूप ज्यादा तेज रहेगी।
दूसरी तरफ गडचिरोली में हालात गंभीर बने हुए हैं। जहां एक ओर राज्य में बारिश कम हो रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में हुई मूसलधार बारिश का असर विदर्भ पर पड़ा है। छत्तीसगढ़ और गडचिरोली में पिछले दो दिनों से भारी बारिश होने के कारण भामरागड तालुका में बाढ़ की स्थिति बन गई है। इंद्रावती, पर्लकोटा और पामुलगौतम, इन तीनों नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसकी वजह से भामरागड में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस बाढ़ के चलते भामरागड तालुका के 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से टूट गया है और वहां के लोग फंसे हुए हैं।
इधर मुंबईवालों की भी मुसीबत कम नहीं है। पिछले कुछ दिनों से शहर में उमस काफी बढ़ गई है। तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी होने के कारण शनिवार को भी मुंबई में जबरदस्त उकाड़ा रहा। कुलाबा केंद्र पर 33.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहा। सितंबर महीने में इतना तापमान पिछले पांच साल में कभी नहीं देखा गया था। इससे पहले 7 सितंबर 2020 को कुलाबा में 33.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था।
कुल मिलाकर राज्य से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन कोकण और घाट इलाकों में अभी भी हल्की बारिश जारी रहेगी। जहां बारिश नहीं होगी, वहां धूप की तपिश और उमस और बढ़ने वाली है, यानी आने वाले कुछ दिन इसी तरह गुजरने वाले हैं।
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