मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:46 IST

ठाणे: प्रदीप पूर्णेकर हत्या में पुलिस को शक, गोली लगने से हमलावर घायल हुआ हो

ठाणे: प्रदीप पूर्णेकर हत्या में पुलिस को शक, गोली लगने से हमलावर घायल हुआ हो
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

ठाणे के मानपाडा, आझाद नगर और मनोरमा नगर इलाके में ठाकरे गुट के कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में जांच अब नया मोड़ ले रही है। सूत्रों के मुताबिक ठाणे पुलिस इस बात की संभावना जांच रही है कि फायरिंग के दौरान हमलावरों में से ही किसी एक को गोली लगी हो और वह घायल हुआ हो। लेकिन यह फिलहाल सिर्फ जांच की एक संभावना है और इसका कोई ठोस सबूत अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

बीते हफ्ते मंगलवार को हमलावर प्रदीप पूर्णेकर के दफ्तर में घुसे और उन पर गोलियां चलाईं। इसके बाद उन पर कोयते से भी हमला किया गया। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए।

पुलिस की जांच के मुताबिक दफ्तर में रिवॉल्वर से सात राउंड फायर किए गए। इनमें से चार गोलियां पूर्णेकर को लगीं। एक गोली गर्दन के आर-पार निकल गई, जबकि दूसरी गोली सीने में फंसी मिली। गंभीर रूप से घायल होने की वजह से अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

इस मामले में एक अहम बात यह है कि पूर्णेकर का दफ्तर बहुत छोटा है। बताया जाता है कि वहां सिर्फ दो से तीन लोग ही बैठ सकते हैं। इतनी कम जगह में हमलावरों ने नजदीक से सात गोलियां चलाईं। इसलिए पुलिस यह देख रही है कि बाकी तीन गोलियों में से कोई गोली दीवार या दफ्तर की किसी चीज से टकराकर लौट तो नहीं आई। पुलिस ने इस तरह गोली पलटकर किसी हमलावर को लगने की बात जांच में मानकर चली है, मगर साफ किया जा रहा है कि इस थ्योरी का अभी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

इसी सिलसिले में फरार आरोपी संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली समेत बाकी हमलावरों में से कोई गोलीबारी में घायल हुआ था या नहीं, यह भी देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस यह भी पता कर रही है कि गोली लगने की सूरत में उस आरोपी ने मुंबई या ठाणे के किसी अस्पताल में चुपचाप इलाज तो नहीं करवाया। हालांकि संतोष कनोजिया को ही गोली लगी थी, यह अब तक साफ नहीं हुआ है।

इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की जांच ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास है। अब तक पप्या शिंदे, निखिल यादव और नितेश पवार, इन तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली अभी फरार है। एक और आरोपी ने हेलमेट पहना हुआ था, इसलिए उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और हत्या के पीछे का असली मकसद और पूरी साजिश का पता लगाने की जांच जारी है।

वारदात के बाद शुक्रवार को पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने पूर्णेकर के दफ्तर का बारीकी से मुआयना किया। बताया गया है कि मौके पर खून के दाग और दूसरे निशान मिले। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल हुए कारतूसों के खोखे और दूसरे संभावित सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं।

अब इन्हीं सबूतों के आधार पर गोलीबारी की सही दिशा, गोलियों के रास्ते और इस बात की जांच की जा रही है कि हमलावरों में से कोई घायल हुआ था या नहीं। इस नई थ्योरी से प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच को एक और अहम मोड़ मिलने की संभावना है।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे