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15:47 IST

ठाकरे बंधु 4 अक्टूबर को मुंबई में निकालेंगे चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त मोर्चा

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाले चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर मुंबई में संयुक्त मोर्चे का ऐलान किया है।

ठाकरे बंधु 4 अक्टूबर को मुंबई में निकालेंगे चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त मोर्चा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मोर्चा निकालने का ऐलान किया है। यह मोर्चा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई वाले चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है। दोनों पार्टियों ने बताया है कि मोर्चे का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग का कामकाज होगा।

29 सितंबर को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें राज ठाकरे ने 4 अक्टूबर के मोर्चे की रूपरेखा बताई। उनकी जानकारी के मुताबिक मोर्चा सुबह 10 बजे भायखला से शुरू होगा और मुंबई महानगरपालिका के मुख्यालय की तरफ जाएगा। वहां मंच लगाकर मोर्चे को सभा में बदला जाएगा।

राज ठाकरे ने कहा कि वे चुनाव आयोग के कामकाज पर कई साल से सवाल उठाते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि EVM के मुद्दे पर वे पहले कई नेताओं से बात कर चुके हैं। उनके मुताबिक इस विषय पर विस्तार से अपनी बात 4 अक्टूबर के मोर्चे में रखी जाएगी।

राज ठाकरे ने बताया कि मोर्चे को किसी पार्टी का रंग न देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को मोर्चे के लिए बुलाया जाएगा, और सत्ताधारी पार्टी के इच्छुक लोगों से भी शामिल होने की अपील की जाएगी।

राज ठाकरे ने साफ किया कि मोर्चे में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा नहीं होगा और लोगों के हाथ में तिरंगा रहेगा। उनके मुताबिक यह मामला लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा है, इसलिए सबको साथ लेने का रुख अपनाया गया है।

राज और उद्धव ठाकरे इससे पहले भी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख रख चुके हैं। 4 अक्टूबर का मोर्चा उसी सिलसिले का अगला संयुक्त राजनीतिक कार्यक्रम है।

मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया को लेकर फिलहाल राजनीतिक पार्टियों में मतभेद हैं। ठाकरे बंधुओं ने इस प्रक्रिया पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने SIR से जुड़ी प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखा है। आयोग के भीतर मतभेद को लेकर आई अलग-अलग खबरों के बीच उसने स्पष्टीकरण भी दिया है।

इस बीच चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में SIR से जुड़े दावों, आपत्तियों और सुझावों की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी है। आयोग की जानकारी के मुताबिक मसौदा मतदाता सूची की प्रविष्टियों की बड़े पैमाने पर जांच चल रही है।

भाजपा की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि इस मोर्चे के पीछे विपक्ष अपनी चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना चाहता है। इस बारे में राज ठाकरे से सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने एक मराठी कहावत का हवाला देते हुए एक वाक्य में प्रतिक्रिया दी।

अब महाराष्ट्र की राजनीति की नजर 4 अक्टूबर के मोर्चे पर है। देखना अहम होगा कि मोर्चे में कौन सी पार्टियां शामिल होती हैं और राज व उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग तथा SIR प्रक्रिया पर वहां क्या रुख रखते हैं।

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