ममता बनर्जी का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप, इस्तीफे की मांग
इंडिया गठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर वोट चुराने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की।
इंडिया गठबंधन ने आज, 30 सितंबर को नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इसमें एक-एक करके अपनी बात रखी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसी मंच से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखी टिप्पणी की।
ममता बनर्जी ने कहा, "ज्ञानेश कुमार चोर हैं, उन्होंने वोट चुराए, ईवीएम मशीनें जलाईं, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। उन्हें इस्तीफा देना ही चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि वे लंबे समय से चुनावों में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे, लेकिन अब उनके कामकाज की पोल खुल गई है।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के मुताबिक राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी करके भाजपा ने 2026 में मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार में जीत हासिल की और बंगाल को लूटा।
ममता बनर्जी ने कहा, "आप जानते हैं, हम लोगों को यहां लेकर आए। हम चुनाव आयोग के पास गए। हम सुप्रीम कोर्ट भी गए। हमने हर घर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन अब यह सामने आ गया है कि ज्ञानेश कुमार एक चोर है। उसने वोट चुराए, ईवीएम मशीन जलाई, ईवीएम मशीन हाईजैक की और गिनती में हेराफेरी की।" इसलिए, उनके मुताबिक, ज्ञानेश कुमार को फौरन इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें लोकतंत्र की हिफाजत करनी चाहिए और अपने लोगों की सुरक्षा पक्की करनी चाहिए।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि लोगों के वोट देने के हक की रक्षा करनी होगी। यह हमारा संवैधानिक अधिकार है और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी। उन्होंने सवाल किया कि अगर लोग वोट न डालें या उनके वोट चुरा लिए जाएं, तो देश का क्या होगा।
उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो यह आंदोलन बहुत आगे जा सकता है। ममता बनर्जी के शब्दों में, यह आंदोलन धरती से आसमान तक और सूरज से चांद तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि हमें बस एक साथ मिलकर लड़ना है।
ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, विपक्षी पार्टियों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष का आंदोलन लंबे समय तक चलेगा। साथ ही उन्होंने छात्रों, नौजवानों और पत्रकारों से भी समर्थन की अपील की।
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