मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

पाटण समेत सातारा के पांच तालुके सूखे की सूची में जुड़वाने के लिए शंभूराज देसाई ने लिखा पत्र

सातारा के पालकमंत्री शंभूराज देसाई ने मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे से पाटण, वाई, सातारा, जावली और कोरेगांव को सूखा क्षेत्र में शामिल करने की मांग की है।

पाटण समेत सातारा के पांच तालुके सूखे की सूची में जुड़वाने के लिए शंभूराज देसाई ने लिखा पत्र
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सातारा जिले के पालकमंत्री शंभूराज देसाई ने मांग की है कि जिले के पाटण, वाई, सातारा, जावली और कोरेगांव तालुकों को सूखा क्षेत्र में शामिल किया जाए, ताकि यहां के किसानों को सूखे की राहत योजनाओं का फायदा मिल सके। देसाई ने इस बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर पैरवी की है।

बताया गया है कि देसाई की इस मांग पर मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे ने मुख्य सचिव को जरूरी कार्रवाई तुरंत करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में सूखा घोषित करते समय सातारा जिले के माण, खटाव, फलटण, खंडाळा और महाबलेश्वर जैसे तालुकों को इसमें रखा गया था। लेकिन पाटण के साथ वाई, सातारा, जावली और कोरेगांव तालुके सूखा प्रभावित तालुकों की सूची में नहीं आ पाए। देसाई के मुताबिक इन तालुकों में भी बारिश ने लंबा ब्रेक लिया, जिसका असर खेती की फसलों पर पड़ा है। इसी वजह से उन्होंने इन तालुकों को सूखा क्षेत्र में शामिल करने की मांग रखी है।

देसाई ने बताया कि पाटण तालुके में हालात ज्यादा गंभीर हैं। तालुके में कुल 14 राजस्व मंडल हैं, जिनमें से नौ राजस्व मंडलों में 75 फीसदी से कम बारिश हुई है। बाकी पांच राजस्व मंडलों में 80 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई, फिर भी सितंबर महीने में बारिश पूरी तरह रुक जाने से फसलों पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बारिश न होने से फसलें सूखने की कगार पर हैं और किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पाटण की तरह ही वाई, सातारा, जावली और कोरेगांव तालुकों में भी बारिश के ब्रेक से फसलों का नुकसान हुआ है। देसाई की मांग है कि सिर्फ बारिश के आंकड़ों को न देखा जाए, बल्कि बारिश के ब्रेक का फसलों पर जो असल असर पड़ा है, उसे ध्यान में रखकर सूखे के मानदंडों के हिसाब से इन तालुकों को शामिल किया जाए। सातारा जिले के किसानों को सूखे की राहत योजनाओं का फायदा मिले, इसी मकसद से उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के सामने रखा।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के मुख्य सचिव को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देने के बाद उम्मीद है कि इस मांग पर सरकार के स्तर पर आगे की कार्रवाई तेज होगी। अब सातारा जिले के बाकी तालुकों के बारे में सूखे के मानदंडों के आधार पर फैसला होने की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है।

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