नांदेड के दो तालुकों को ट्रिगर-1 से बाहर रखने पर सियासत, अशोक चव्हाण का सफाई भरा बयान
नांदेड जिले के मुखेड और मुदखेड तालुके ट्रिगर-1 की लिस्ट से बाहर रहने पर विवाद, सांसद अशोक चव्हाण ने दिया जवाब
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। नांदेड जिले के दो तहसीलों को ट्रिगर-1 की लिस्ट से बाहर रखे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। जिले की कुल 16 तहसीलों में से 14 तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू किया गया है, लेकिन मुखेड और मुदखेड इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं। इसी मुद्दे पर सांसद अशोक चव्हाण ने कहा कि मराठवाड़ा की किसी भी तहसील पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सूखा घोषित करने की प्रक्रिया में ट्रिगर-1 शुरुआती स्टेप है। बारिश की कमी और बारिश में लंबे गैप जैसे मानकों के आधार पर ट्रिगर-1 लागू किया जाता है। इसके बाद जमीन में नमी, फसलों की हालत और दूसरे असर डालने वाले फैक्टर ट्रिगर-2 में देखे जाते हैं।
अशोक चव्हाण ने इस मामले पर कहा, "कोई भी तहसील जानबूझकर बाहर नहीं रखी गई है। ट्रिगर-1 के मानकों में मराठवाड़ा की दो तहसीलें फिट नहीं हुईं। लेकिन अक्टूबर में ट्रिगर-2 के जरिए जमीन की नमी और फसलों की हालत चेक की जाएगी। ट्रिगर-1 में जो तहसीलें छूट गई हैं, वो ट्रिगर-2 में जरूर शामिल की जाएंगी।"
इस बीच दो तहसीलों को बाहर रखने पर कांग्रेस की तरफ से हो रही आलोचना पर भी चव्हाण ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सूखा पार्टी देखकर तय नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि विधायक श्रीजया चव्हाण की राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे से बात हुई है, और उनकी खुद की भी मुख्यमंत्री से बात हुई है।
"मराठवाड़ा की किसी भी तहसील पर अन्याय नहीं होने दूंगा, यह मेरा वादा है," अशोक चव्हाण ने कहा। सूखाग्रस्त इलाकों के दौरे को लेकर भी उन्होंने अपनी बात साफ की। उनका कहना था कि किसी इलाके में फसल हरी दिख रही हो, फिर भी असल में उससे कितनी पैदावार मिलेगी, यह ज्यादा जरूरी बात है। सही टाइम पर बारिश न होने से फसलों के उत्पादन पर असर पड़ता है। इसलिए किसानों की परेशानी समझने के लिए दौरा किया जा रहा है, यह चव्हाण ने साफ किया।
चव्हाण ने बताया कि किसानों को असल में मदद कब मिलेगी, इस पर अभी असेसमेंट चल रहा है। राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक उप-समिति बनी है, और सभी जिलाधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद सूखे का दायरा और जरूरी फंड तय किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में कर्जमाफी का ऐलान किया है। दिवाली से पहले किसानों को मदद मिलेगी या नहीं, इस पर अशोक चव्हाण ने कोई पक्की टाइम-लाइन नहीं बताई। उनका कहना था कि यह वक्त मुश्किल है और किसान सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
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