मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

नागपुर में फसल नुकसान का पंचनामा 7 दिन में पूरा हो, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के निर्देश

जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने खरीफ फसलों के नुकसान का पंचनामा एक हफ्ते में पूरा करने को कहा है।

नागपुर में फसल नुकसान का पंचनामा 7 दिन में पूरा हो, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के निर्देश
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर जिले में इस साल खरीफ सीजन की फसलें प्रभावित हुई हैं। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि तहसीलों में फसल नुकसान का पंचनामा अगले 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाए।

कुमार आशीर्वाद ने कहा कि पंचनामा तुरंत, सटीक और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनि, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर फुटाणे, निवासी उपजिलाधिकारी अनुप खांडे और प्रदीप उबाले मौजूद थे। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रज्ञा गोडघाटे, आपदा प्रबंधन अधिकारी अंकुश गावंडे और दूसरे अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और तहसील कृषि अधिकारी तुरंत समन्वय बैठक करें। इसके बाद ग्राम स्तर पर संबंधित विभागों की टीमें बनाई जाएं। जरूरत के मुताबिक इन टीमों में पटवारी, ग्रामसेवक, कृषि सहायक या कृषि सेवक और कोतवाल को रखा जाए। टीमें बनते ही पंचनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।

कुमार आशीर्वाद ने कहा कि कोई भी पात्र और सच में प्रभावित किसान छूटना नहीं चाहिए। साथ ही, जो मामले पात्र नहीं हैं या असली स्थिति से मेल नहीं खाते, उन्हें शामिल न किया जाए। उन्होंने साफ किया कि यह जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदारों और क्षेत्रीय अधिकारियों को निभानी होगी।

जिले में पंचनामे की कार्रवाई की रोज की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए। जिन तहसीलों में पंचनामे की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी होगी, वहां खास समीक्षा की जाए।

बैठक में जल संकट का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने नागपुर जिले में संभावित जल संकट को देखते हुए अस्थायी उपायों के साथ लंबे समय और स्थायी उपायों की योजना बनाने का निर्देश दिया। जल संकट वाले और टैंकरों पर निर्भर गांवों को टैंकर मुक्त करने की दिशा में समयबद्ध काम करने को भी कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता को जल संकट के मामले में नोडल अधिकारी बनाया जाए। वे संबंधित विभागों और क्षेत्रीय अधिकारियों से तालमेल बिठाकर जल संकट वाले गांवों के लिए व्यापक कार्ययोजना तुरंत पेश करें।

कुमार आशीर्वाद ने कहा कि कार्ययोजना में खास तौर पर उन गांवों को प्राथमिकता दी जाए जो नियमित रूप से टैंकरों पर निर्भर हैं। इन गांवों को चरण-दर-चरण टैंकर मुक्त करने के लिए स्थायी उपाय सुझाए जाएं।

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