मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

प्रदीप पूर्णेकर हत्या: परिवार का दावा, हमले से पहले ही भांप गए थे खतरा, हफ्तों से चल रही थी रेकी

ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ 'बाला' पूर्णेकर की हत्या के मामले में परिवार ने साजिश, रेकी और आरोपों का ब्योरा दिया है।

प्रदीप पूर्णेकर हत्या: परिवार का दावा, हमले से पहले ही भांप गए थे खतरा, हफ्तों से चल रही थी रेकी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

ठाणे शहर को हिला देने वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ 'बाला' पूर्णेकर की हत्या के मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। मनोरमा नगर में अपने दफ्तर में बैठे पूर्णेकर पर 5 लोगों के गिरोह ने अंदर घुसकर 7 राउंड फायर किए। इसके बाद कोयते से भी बेरहमी से वार किए गए। पूर्णेकर परिवार का दावा है कि यह अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि कई दिनों से रची जा रही साजिश थी।

प्रदीप पूर्णेकर के भाई जयनाथ पूर्णेकर और बेटे राम पूर्णेकर के मुताबिक हमलावरों ने गणेशोत्सव के दौरान ही मनोरमा नगर आकर पूरे इलाके की बारीकी से रेकी की थी। वे रोज इलाके में आकर बैठते थे और सही मौके का इंतजार करते थे।

मंगलवार रात 9 बजकर 32 मिनट पर इलाके के सारे कार्यकर्ता नवरात्रि की वर्गणी जमा करने बाहर गए हुए थे। परिवार के मुताबिक हमलावर ठीक उसी वक्त दफ्तर में घुसे। जयनाथ पूर्णेकर ने बताया कि उस समय दफ्तर में प्रदीप पूर्णेकर अकेले थे। उन पर पिस्तौल से 7 गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 2 गोलियां जानलेवा जगह पर लगीं। गोली चलाने के बाद आरोपियों ने कोयते से भी वार किए, ताकि वे बच न पाएं।

राम पूर्णेकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुछ दिन पहले नीलकंठ इमारत में एक संदिग्ध व्यक्ति और एक बड़े नेता की बैठक हुई थी। गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान उन्होंने खुद इन सबको साथ खड़े देखा था। उन्हें देखकर वे अचानक चौंक गए और एक व्यक्ति ने उनसे पूछा, 'तू प्रदीप पूर्णेकर का बेटा है क्या?'

इसके बाद राम ने तुरंत अपने पिता को सावधान किया था। तब प्रदीप पूर्णेकर ने बेटे से कहा था, "रात 10 बजे के बाद तू बिल्कुल घर से बाहर मत निकलना। मुझे मारने आई गोली तुझे भी लग सकती है।" परिवार के मुताबिक इससे साफ है कि उन्हें जानलेवा हमले की पहले से भनक थी।

पूर्णेकर परिवार ने शिवसेना शिंदे गुट की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या का मुख्य सूत्रधार होने का सीधा आरोप लगाया है। राम पूर्णेकर का दावा है कि महापालिका चुनाव के दौरान मीनाक्षी शिंदे की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने 'चुनाव खत्म होने के बाद बाला (प्रदीप पूर्णेकर) को खत्म कर दूंगी' कहकर खुली धमकी दी थी। जयनाथ पूर्णेकर का आरोप है कि नीलकंठ इमारत में राजेंद्र शिंदे और गोली चलाने वाले हत्यारों के बीच गुप्त बैठकें हुई थीं। परिवार का कहना है कि मानपाडा और मनोरमा नगर के क्लस्टर डेवलपमेंट का मुद्दा और राजनीतिक दबदबे की लड़ाई इस हत्या की वजह है।

पुलिस ने फिलहाल 'पप्या शिंदे' को संदिग्ध के तौर पर हिरासत में लिया है। परिवार को उस पर गहरा शक है। परिवार के मुताबिक पप्या शिंदे प्रदीप पूर्णेकर का पुराना दोस्त था और हत्या से दो दिन पहले दफ्तर आकर घंटे-डेढ़ घंटे बैठा था। परिवार का दावा है कि गोलीबारी के वक्त भी वह वहीं मौजूद था।

राम पूर्णेकर ने सवाल उठाया, "पप्या हमें बता रहा था कि गोली लगने के बाद उसने पापा को पकड़ा। लेकिन पूरी वारदात में उस पर एक भी वार नहीं हुआ, उसे मामूली चोट तक नहीं आई, यह कैसे मुमकिन है?" उनका यह भी कहना है कि वह अस्पताल आकर दूसरे संदिग्धों को गालियां देने का नाटक कर रहा था, जबकि पुलिस ने उसी को संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया है।

जयनाथ पूर्णेकर ने बताया कि प्रदीप पूर्णेकर इलाके में ड्रग्ज बेचने वाले माफिया के खिलाफ सख्त मुहिम चला रहे थे। नौजवानों को ड्रग्ज से छुड़ाने के लिए वे कई बार रात में अकेले कार्रवाई करने निकल जाते थे। इस वजह से उन्हें कई बार धमकी भरे फोन भी आए थे। जयनाथ ने अपने भाई को चेताया था, "ड्रग्ज बेचने वालों का इस्तेमाल करके ये राजनीतिक विरोधी कुछ भी कर सकते हैं, इसलिए अकेले मत जाया कर।"

घटना के बाद मनोरमा नगर और मानपाडा में गहरी प्रतिक्रिया हुई। बुधवार को मनोरमा नगर की सारी दुकानें और 3 स्कूल पूरी तरह बंद रहे। इस इलाके में पूर्णेकर परिवार का बड़ा जनाधार है। महापालिका चुनाव में उनकी पत्नी और भाई हार गए थे, फिर भी उन्हें अच्छे वोट मिले थे।

खून से लथपथ पूर्णेकर को घटनास्थल से अस्पताल ले जाते समय का विचलित करने वाला CCTV फुटेज भी सामने आया है। उनका शव फिलहाल मुंबई के जे.जे. अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा है। परिवार ने अड़ियल रुख अपनाया है कि जब तक मुख्य सूत्रधारों और सभी हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से दखल देकर सख्त न्याय दिलाने की मांग भी की है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में 9 विशेष टीमें रवाना की हैं।

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