पूर्णेकर हत्या मामले में किशोरी पेडणेकर ने पूछा, रश्मी ठाकरे का नाम क्यों ले रहे हैं
ठाणे में ठाकरे गुट के विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। ठाकरे गुट की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका दावा है कि ठाणे में गैंग बन रहे हैं। उन्होंने सरकारी यंत्रणाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
पेडणेकर ने कहा, "असल में महिलाएं अनाथ हो रही हैं। मुंबई, ठाणे, नाशिक में गैंग बन रहे हैं। ठाणे में आखिर क्या हुआ? उसमें हमारे विभागप्रमुख पूर्णेकर की बलि चढ़ गई।" उनका कहना था कि इस मामले में पुलिस जांच कर रही है, लेकिन यंत्रणाओं का इस्तेमाल जिस तरह हो रहा है, उसे देखते हुए भरोसा कैसे किया जाए, यह सवाल उन्होंने उठाया।
मीनाक्षी शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए पेडणेकर ने "खासमखास" शब्द पर एतराज जताया। उन्होंने कहा कि पूर्णेकर परिवार ने सीधे अपनी बात रखी है। उनके मुताबिक आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी यह है कि जांच से सच सामने आए।
पेडणेकर ने इन शब्दों में प्रतिक्रिया दी, "बिना वजह किसी राजनीतिक घराने की महिला का नाम मत लीजिए। आपमें और उनमें फर्क है। आपको भी उद्धवजी ने हाथ दिया था। उनके घर पर बोलते वक्त होश रखिए।"
ठाणे के बदलते राजनीतिक और अपराध के माहौल पर भी पेडणेकर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "एक जमाने का शांत ठाणे अब 'ठाणानानं' होता दिख रहा है।" इस बीच प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले में पुलिस की जांच जारी है और जांच से असल हकीकत सामने आने का इंतजार है।
आदित्य ठाकरे और रश्मी ठाकरे पर लग रहे आरोपों का भी पेडणेकर ने जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया, "उद्धवजी की पत्नी होना क्या गुनाह है?"
पेडणेकर ने यह भी कहा कि अगर रश्मी ठाकरे का नाम बार-बार लिया जाता रहा, तो वे ठाकरे परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेंगी। उनके मुताबिक आरोपों का खंडन करने के बजाय रश्मी ठाकरे का नाम लेना "डिफमेशन" है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता विचार करेंगे और आगे क्या कार्रवाई करनी है, यह तय करेंगे।
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