सूचना निकली, पर पंचनामे कब शुरू होंगे: उद्धव ठाकरे का महाराष्ट्र सरकार से सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्रकार परिषद में सूखे पर सरकार को घेरा, कर्जमाफी और मदद पैकेज का हिसाब मांगा
महाराष्ट्र में बारिश कम होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं, और इसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर सीधा सवाल दागा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सूखे की सूचना जारी करने की बात तो कह दी है, लेकिन पंचनामे की प्रक्रिया आखिर कब शुरू होगी, इसका कोई जवाब नहीं है।
विदर्भ और मराठवाड़ा के कई जिलों में सूखे की स्थिति बेहद खराब है, और कई तालुकों को इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। राज्य में तुरंत सूखा घोषित करने की मांग उठ रही है। इसी पृष्ठभूमि में उद्धव ठाकरे ने पत्रकार परिषद बुलाकर सरकार पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कल मराठवाड़ा के लातूर, धाराशिव और सोलापुर के कुछ गांवों का दौरा किया था, और आज भी वे पश्चिम विदर्भ के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री जब दौरे पर थे, उसी दौरान उद्धव ठाकरे ने सरकार को घेरा।
उद्धव ठाकरे ने बताया कि पिछले साल राज्य सरकार ने अतिवृष्टि और बाढ़ से पीड़ित किसानों के लिए 31 हजार 628 करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया था, जिसमें खरडून गई जमीन के नुकसान के लिए प्रति हेक्टेयर करीब 3 लाख 47 हजार रुपये तक मदद देने का प्रावधान रखा गया था।
उद्धव ठाकरे ने मांग की कि इस पैकेज की असल मदद कितने किसानों तक पहुंची, इसकी जानकारी राज्य की जनता को मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौसम विभाग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने बारिश के मौसम की शुरुआत में ही सूखे की आशंका जता दी थी, तो सरकार ने पहले से इससे निपटने के लिए क्या उपाय किए, इस पर भी सवाल उठाया।
बारिश कम होने से किसानों को दो-तीन बार बुवाई करनी पड़ रही है। पीने के पानी, जानवरों के चारे, बांधों और कुओं के पानी की भारी किल्लत हो गई है। उद्धव ठाकरे ने उम्मीद जताई कि आने वाले रबी सीजन में कम से कम पर्याप्त बारिश हो।
उद्धव ठाकरे ने कर्जमाफी के मुद्दे पर भी सरकार से जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौर में किसानों को सरसकट दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी गई थी। अब सरकार ने जो कर्जमाफी योजना घोषित की है, उसका फायदा कितने किसानों को मिला, इसकी जानकारी और लाभार्थियों की लिस्ट जाहीर करने की मांग उन्होंने की। उद्धव ठाकरे ने कहा, "पिछले साल घोषित पैकेज का फायदा कितने किसानों को मिला और अब घोषित कर्जमाफी योजना में कितने किसानों को फायदा हुआ, इसकी लिस्ट हमें चाहिए।"
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि इस साल कम बारिश की वजह से फसलें सूख गईं, और खरीफ सीजन तो किसानों के हाथ से निकल ही गया। किसानों के सिर पर पहले से ही कर्ज है। उन्होंने कहा कि वे खुद कई बार किसानों के खेतों तक गए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि 5 अक्टूबर के बाद पंचनामे शुरू होंगे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने गुस्सा जताते हुए पूछा कि किस बात का इंतजार किया जा रहा है, जब किसानों की जान पर बन आई है। उन्होंने कहा कि जानवरों के चारे का सवाल खड़ा हो गया है, सिर पर कर्ज का बोझ है, बच्चों की पढ़ाई और शादी का सवाल भी खड़ा हो गया है, सब कुछ बिगड़ गया है।
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