मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

265 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित, फडणवीस बोले अगले साल भी एल निनो का खतरा बरकरार

महाराष्ट्र में सूखे का संकट अभी टला नहीं, मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर में अगले मानसून को लेकर आगाह किया

265 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित, फडणवीस बोले अगले साल भी एल निनो का खतरा बरकरार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र में सूखे का साया अभी हटा नहीं है, और अब अगले साल के मानसून को लेकर भी चिंता बढ़ाने वाली बात सामने आई है। राज्य सरकार ने हाल ही में प्रदेश के 265 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित किया है। राज्य के करीब 75 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात बन गए हैं और लोग इसकी मार झेल रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में एक पत्रकार परिषद में कहा कि अगर एल निनो का असर आगे भी बना रहा, तो राज्य के सामने फिर से बारिश का संकट खड़ा हो सकता है। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में खेती, पीने के पानी और पानी के बाकी इंतजामों पर पड़ने की आशंका है।

फडणवीस ने साफ कहा, "हमें हर तरह की तैयारी में रहना होगा।" उन्होंने बताया कि अभी जो एल निनो है, वह अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है। एक्सपर्ट्स का अंदाजा है कि यह फरवरी के आसपास पीक पर जा सकता है, उसके बाद इसका असर धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

दरअसल प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से एल निनो जैसी स्थिति बनती है, जिसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ सकता है। भारत के मानसून पर भी इसका असर पड़ने की आशंका रहती है, इसलिए महाराष्ट्र के लिए यह मुद्दा खासा अहम है।

इसी बीच राज्य सरकार ने शनिवार को 265 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित कर दिया। सूखा घोषित होने के बाद संबंधित इलाकों में राहत के उपाय लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में सरकार को अब खेती और पीने के पानी के मसले पर पहले से ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा।

एक तरफ राज्य का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में है, वहीं दूसरी तरफ गडचिरोली के भामरागड इलाके में छत्तीसगढ़ में हुई भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और कुछ लोगों को रेस्क्यू टीम की मदद से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। फडणवीस ने बताया कि आज दोपहर तक बाढ़ का पानी उतरने की उम्मीद है और स्थिति काबू में आ जाएगी।

एक तरफ राज्य का बड़ा हिस्सा सूखे की मार झेल रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी नौबत आ गई है। बदलते मौसम के इस मिजाज को देखते हुए आने वाले समय में महाराष्ट्र के सामने पानी के इंतजाम को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी होने वाली है।

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