चंद्रपूर में सूखे के हालात: सभी सरकारी अधिकारियों को मुख्यालय में रहने के जिलाधिकारी के निर्देश
चंद्रपूर जिले में सूखे के हालात को देखते हुए जिलाधिकारी वसुमना पंत ने पूरे प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जिले के सभी सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने मुख्यालय में मौजूद रहें। जिलाधिकारी का कहना है कि सूखे की गंभीरता को देखते हुए पूरी प्रशासनिक मशीनरी का सतर्क और तेज रहना जरूरी है।
निर्देश के मुताबिक बहुत ही जरूरी मेडिकल हालात को छोड़कर कोई भी किसी भी तरह की छुट्टी पर नहीं जाएगा और न ही मुख्यालय छोड़ेगा। इसके लिए पहले से इजाजत लेना जरूरी है। जिलाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, और यह इजाजत उन्हीं से लेनी होगी। यानी उनकी पहले से मंजूरी के बिना न छुट्टी ली जा सकेगी, न मुख्यालय छोड़ा जा सकेगा।
जिले में सूखे की वजह से पानी की किल्लत है, चारे की भी कमी है और फसलों को नुकसान हुआ है। इन सबके चलते किसान आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। सरकार की तरफ से इस हालात में कई तरह की मदद और रियायतों के उपाय लागू किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी का कहना है कि इनका फायदा पात्र किसानों और आम लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए संबंधित सरकारी विभागों को तेजी से काम करना होगा।
सूखे को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत प्रशासनिक मशीनरी को तैयार रखा जा रहा है। हर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय में रहकर अपने विभाग से जुड़े सूखा राहत के उपाय समय पर लागू करें। साथ ही लोगों की दिक्कतों पर फौरन कार्रवाई करें, ऐसे निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने साफ किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और महाराष्ट्र नागरी सेवा (शिस्त व अपील) नियम, 1979 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।
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