मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:46 IST

चंद्रपुर तालुके में सूखे का सर्वे शुरू, 17 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की जांच

सरकार की सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में चंद्रपुर तालुका आने के बाद खरीफ फसलों के नुकसान का पंचनामा शुरू हो गया है।

चंद्रपुर तालुके में सूखे का सर्वे शुरू, 17 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की जांच
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर तालुके में सूखे से हुए फसल नुकसान के पंचनामे का काम शुरू हो गया है। सरकार ने सूखाग्रस्त तालुकों की जो सूची जारी की, उसमें चंद्रपुर तालुका भी शामिल है। इसके बाद खरीफ फसलों के नुकसान का सर्वे चालू किया गया।

तालुके में खरीफ सीजन के दौरान करीब 17 हजार हेक्टेयर इलाके में अलग-अलग फसलें बोई गई थीं। इस पूरे इलाके में फसलों को मौके पर जाकर देखा जाएगा और उसके बाद पंचनामे तैयार किए जाएंगे।

पंचनामे ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्रामपंचायत अधिकारी और कृषि सहायक मिलकर कर रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया किसानों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। मकसद यह है कि कोई भी किसान पंचनामे से छूट न जाए।

वलनी में उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम ने नुकसान झेल चुकी धान की फसल का मुआयना किया। यह मुआयना किसान संतोष आत्राम के खेत में हुआ। इस मौके पर तहसीलदार विजय पवार, नायब तहसीलदार ओंकार ठाकरे, तालुका कृषि अधिकारी अनिकेत माने, मंडल अधिकारी विशाल कुरेवार और तलाठी रमेश झिटे मौजूद थे। पुलिस पाटील अशोक मेश्राम और ई-पीक पाहणी सर्वेयर विशाल गेडाम भी साथ थे। किसानों में सुखदेव पेंदराम, वनपाल गेडाम और रोहित पेंद्राम भी वहां थे।

सूखे के हालात में किसानों की फसल के नुकसान की सही और ठोस नोंद हो, कोई भी प्रभावित किसान छूटे नहीं और सरकार तक सटीक जानकारी पहुंचे, इसी मकसद से यह कार्रवाई हो रही है। यह काम राजस्व, ग्रामविकास और कृषि विभाग के तालमेल से चलाया जा रहा है। संबंधित टीम खेत में जाकर फसलों को देखेगी और किसानों के सामने सर्वे व पंचनामे की प्रक्रिया पूरी करेगी।

काम को योजना से और तेजी से निपटाने के लिए चंद्रपुर तालुके में कुल 11 पथक प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। मंडल अधिकारी और तालुका कृषि अधिकारी को पथक प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी निगरानी में संबंधित गांवों में संयुक्त टीमें खेतों के नुकसान का सर्वे करेंगी और पंचनामे बनाएंगी।

प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे, असल नुकसान की सही नोंद हो और पात्र किसानों की जानकारी ठीक से जुटाई जाए, इसके लिए पंचनामे के वक्त संबंधित किसानों की मौजूदगी पक्की की जाएगी। सर्वे के दौरान फसलों की मौजूदा हालत और नुकसान के बारे में जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।

संयुक्त टीमों के पंचनामे पूरे होने के बाद जो सूचियां बनेंगी, वे संबंधित गांव की चावडी पर लगाई जाएंगी। इससे किसान अपने गांव में ही देख सकेंगे कि उनके नुकसान की नोंद पंचनामे में हुई है या नहीं।

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