ठाणे: प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में पप्या शिंदे और आकाश निमसे हिरासत में, तीन फरार
पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
ठाणे शहर को हिला देने वाले शिवसेना उबाठा के विभाग प्रमुख प्रदीप उर्फ 'बाला' पूर्णेकर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच को अब बड़ी कामयाबी मिलती दिख रही है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों, पप्या शिंदे और आकाश निमसे, को हिरासत में लिया है।
मामले के मुख्य संदिग्ध निखिल यादव, संतोष कनोजिया और उनका एक और अज्ञात साथी फिलहाल फरार हैं। पुलिस इन तीनों की सख्ती से तलाश कर रही है। उनकी तलाश के लिए पुलिस की खास टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने पूरी साजिश के साथ पहले प्रदीप पूर्णेकर पर गोली चलाई और उसके बाद धारदार हथियार से उन पर जानलेवा हमला किया। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों के सहारे फरार आरोपियों का पता लगा रही है। ठाणे पुलिस मामले की हर पहलू से गहराई से जांच कर रही है। पूरी साजिश और उसके पीछे के सूत्रधार को ढूंढने का काम तेजी से चल रहा है।
हत्या के बाद मृतक प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर ने मीडिया से बात की और कई चौंकाने वाली बातें बताईं। राम पूर्णेकर के दावे के मुताबिक गणपति विसर्जन के वक्त कुछ संदिग्ध लोग राजेंद्र शिंदे के साथ दिखे थे। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या से सिर्फ एक दिन पहले जिसे हिरासत में लिया गया, वह पप्या शिंदे खुद उनके पिता के दफ्तर में आकर बैठा था।
राम के मुताबिक उन्हें पहले से पिता की जान को खतरे की आशंका थी और उन्होंने पिता को आगाह भी किया था। इस पर पिता ने उनसे कहा था, "तू रात 10 बजे के बाद घर से बाहर मत निकलना, खतरा तुझे भी हो सकता है।"
राम पूर्णेकर ने महानगरपालिका चुनाव के दौरान वायरल हुई एक कथित ऑडियो क्लिप का भी जिक्र किया। दावा किया जा रहा है कि इस ऑडियो क्लिप में पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे की आवाज है, और परिवार का आरोप है कि उसमें उनके पिता को खुलेआम धमकी दी गई थी। इन दावों और कथित ऑडियो क्लिप की सच्चाई की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और इसका सच पुलिस जांच में ही सामने आएगा।
अपने पिता के काम के बारे में राम पूर्णेकर ने कहा कि उन्होंने स्थानीय इलाके में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ी थी। नशा करने वाले नौजवानों और ड्रग्स माफिया को इलाके से भगाकर उसे पूरी तरह 'ड्रग्समुक्त' बनाने में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसी पृष्ठभूमि में राम ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि हत्या के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
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