दुष्काळ में कोकण को क्यों भुलाया गया, भास्कर जाधव ने सरकार से पूछा सवाल
विधायक भास्कर जाधव ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कोकण के किसानों की मदद की मांग की है
राज्य में दुष्काळ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में 358 में से 265 तालुकों में दुष्काळ जाहीर किया है, यानी करीब 75 फीसद महाराष्ट्र में दुष्काळ की घोषणा हो चुकी है। इसी बीच अब कोकण के किसानों का मुद्दा फिर से उठ खड़ा हुआ है। शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) पार्टी के नेता और विधायक भास्कर जाधव ने सरकार का ध्यान कोकण की खेती के नुकसान की तरफ खींचा है और किसानों को तुरंत मदद देने की मांग की है।
जाधव ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे पत्र में लिखा है कि बेमौसम बारिश की वजह से कोकण में भात और नाचणी की फसलों पर बड़ा असर पड़ा है। उनका कहना है कि दुष्काळ अब कोकण तक भी पहुंच चुका है और किसानों की फसलों का भारी नुकसान हुआ है। जाधव ने सवाल उठाया कि किसानों की आंखों में आंसू होने के बावजूद दुष्काळ के फैसले में कोकण का जो हिसाब होना चाहिए था, वह क्यों नहीं किया गया।
जाधव के मुताबिक इस साल कोकण में बेमौसम बारिश और खराब मौसम की वजह से खेती को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। भात के साथ-साथ कई फसलों को नुकसान होने से किसान आर्थिक तंगी में फंस गया है। उनका कहना है कि ऐसे हालात में सरकार को दुष्काळग्रस्त इलाके तय करते वक्त कोकण की स्थिति को भी गंभीरता से देखना चाहिए और किसानों को मदद देनी चाहिए।
विधायक जाधव ने कहा, "कोकण को दुष्काळ की मार पड़ रही है फिर भी कोकण मदद से वंचित क्यों है? किसानों की आंखों में आंसू हैं, फसलों का नुकसान हुआ है। फिर भी दुष्काळ के फैसले में कोकण का जो ध्यान रखना चाहिए था, वह क्यों नहीं रखा गया?" उनका कहना है कि कोकण के किसानों की दिक्कतों को नजरअंदाज करके उन्हें दोयम दर्जे का बर्ताव दिया जा रहा है, ऐसी भावना बन रही है। इसलिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोकण की असली स्थिति की जांच करके नुकसान झेल रहे किसानों को फौरन मदद और जरूरी छूट का ऐलान किया जाए।
जाधव ने यह भी कहा कि कोकण के किसान भी खराब मौसम का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार को असली हालात की समीक्षा करके नुकसान झेल रहे लोगों को आर्थिक मदद और नुकसान भरपाई देनी चाहिए। इससे पहले भी उन्होंने कोकण की भात की खेती और बागों के नुकसान को लेकर सरकार से मदद की मांग की थी। मार्च 2026 में सरकार ने आम और काजू उगाने वालों के लिए हेक्टर के हिसाब से 22 हजार रुपये मदद देने का ऐलान किया था, इसके बाद भी जाधव ने मदद की रकम को लेकर सवाल उठाए थे।
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