मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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15:47 IST

दुष्काळ में किसानों से कर्ज वसूली पर रोक के आदेश, शहरों में 20 फीसदी पानीकटौती की सूचना

दुष्काळ निवारण उपसमिति की बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने किसानों के घर वसूली के लिए कोई न जाए, यह आदेश दिया।

दुष्काळ में किसानों से कर्ज वसूली पर रोक के आदेश, शहरों में 20 फीसदी पानीकटौती की सूचना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दुष्काळ के दौर में किसी भी किसान के दरवाजे पर कर्ज वसूली के लिए बैंक या पतसंस्था का कर्मचारी नहीं जाना चाहिए। दुष्काळ निवारण उपसमिति के अध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने यह आदेश दिया है। बैठक में शहरी इलाकों में 20 फीसदी पानीकटौती करने और नए निर्माण कामों पर रोक लगाने की सूचनाएं भी दी गईं।

मंत्रिमंडल उपसमिति की यह बैठक मंत्रालय में हुई। इसमें राज्य की टंचाई की हालत का जायजा लिया गया। बावनकुळे ने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से कहा कि वे रिझर्व बैंक से पूछें कि क्या वह कर्ज वसूली रोकने का परिपत्रक निकालेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पतसंस्था और बैंक वसूली के लिए किसानों के पास न जाएं, इसके लिए जिलाधिकारी और पुलिस अफसरों को निर्देश दिए जाएं। बावनकुळे ने कहा कि किसानों को हर मदद मिलनी चाहिए और हर पंचनामे पर किसान की सही ली गई है।

शहरी इलाकों में पानीकटौती से जो पानी बचेगा, उसे अगले साल के जून के लिए बफर स्टॉक के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा। पीने के पानी और जानवरों के चारे को प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में कहा गया कि चारे और पानी की टंचाई के साथ धरण और तालाबों के जलसाठे को कंट्रोल करने के उपाय जरूरी हैं। बड़े निर्माण कामों पर पाबंदी लगाई जाए, सीमेंट के रोड और जिन कामों में पानी बर्बाद होता है, उन्हें टाला जाए। जिलाधिकारी सीएसआर फंड में पानी को प्राथमिकता तय करें। पंपों की बिजली काटी जाएगी और गांव के तालाब व पाझर तालाब पीने के पानी के लिए लिए जाएं। पानी बांटने का क्रम यह हो कि पहले पीने के लिए, फिर चारा फसलें, फिर रब्बी फसलें (गेहूं वगैरह) और आखिर में गन्ना।

पर्यावरण और वातावरण बदल मंत्री पंकजा मुंडे ने सूचना की कि पानी की टंचाई वाले इलाकों में निजी और कमर्शियल निर्माण की इजाजत रोकी जाए। मंत्री गिरीश महाजन ने तालाबों के आसपास होने वाली पानी की चोरी रोकने के लिए बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। मंत्रियों ने यह भी सुझाया कि इसका उपयोग दुष्काळ निवारण के कामों में किया जाए।

प्रधान सचिव विनिता वेद सिंघल ने बताया कि 'ट्रिगर-2' लागू होने वाले 43 तालुकों समेत सभी प्रभावित इलाकों के लिए कागजी देरी का इंतजार किए बिना सरकारी फैसला तुरंत जारी करने की सूचना दी गई है। चारा छावनी का शुरुआती प्रस्ताव जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तैयार होगा। इसके लिए जिला परिषद के सीईओ, कृषि विभाग और पशुसंवर्धन विभाग के अफसरों की समिति बनाकर उसे अंतिम रूप दिया जाए।

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