मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:47 IST

ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की तैयारी में विपक्ष, संसद के विशेष सत्र से पहले नोटिस की योजना

विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस देने की तैयारी में हैं।

ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की तैयारी में विपक्ष, संसद के विशेष सत्र से पहले नोटिस की योजना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों चर्चा में हैं। चुनाव आयोग के दो दूसरे आयुक्तों से मतभेद और एसआईआर में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हुई है। इंडिया आघाड़ी की सभी पार्टियों ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

सोमवार को राज्य के कई बड़े शहरों में कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने उनके खिलाफ जोरदार आंदोलन किए और उनके इस्तीफे की मांग की। अब विपक्षी पार्टियों ने ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। कई विपक्षी पार्टियां साथ आकर संसद के प्रस्तावित विशेष अधिवेशन से पहले लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस देने की तैयारी में हैं।

ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी 2029 को खत्म हो रहा है। खबर में कहा गया है कि वे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिनके खिलाफ एक-दो नहीं, बल्कि तीन महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने वाले हैं। उनके कार्यकाल के सवा दो साल से ज्यादा बाकी होने के बावजूद दो प्रस्ताव जांच समिति पहले ही खारिज कर चुकी है, तीसरा लंबित है और चौथे की तैयारी चल रही है।

पहली नोटिस मार्च 2026 में दाखिल की गई थी। इस साल मार्च में संसद के दोनों सदनों में महाभियोग की मांग वाली नोटिसें दी गई थीं, और दोनों सभापति और अध्यक्ष के स्तर पर खारिज कर दी गईं। 12 मार्च 2026 को 63 विपक्षी सांसदों के दस्तखत के साथ प्रस्ताव राज्यसभा में पेश हुआ। 25 दिन बाद, 6 अप्रैल को सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद 24 अप्रैल को 73 सांसदों के दस्तखत के साथ दूसरी नोटिस राज्यसभा में दी गई, जिसमें ज्ञानेश कुमार पर नौ आरोप लगाए गए थे। यह प्रस्ताव अभी लंबित है।

12 मार्च को ही 130 सांसदों के दस्तखत के साथ एक नोटिस लोकसभा में भी दी गई थी। वह भी नाकाम रही, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उसे खारिज कर दिया। नियमों के मुताबिक चुनाव आयुक्त का कार्यकाल छह साल या 65 साल की उम्र तक होता है, जो भी पहले आए। केरल कैडर के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कामकाज संभाला।

ज्ञानेश कुमार 65 साल की उम्र में 26 जनवरी 2029 को रिटायर होंगे। यानी 19वें लोकसभा चुनाव के दौरान उनका कार्यकाल खत्म होगा, और उनकी जगह आने वाले नए मुख्य चुनाव आयुक्त लोकसभा चुनाव का ऐलान करेंगे।

भारत सरकार में ज्ञानेश कुमार रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं। 31 जनवरी 2024 को रिटायर होने के बाद 15 मार्च 2024 को उन्हें भारत का चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया।

महाभियोग की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत होती है। इसके मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जजों की तरह पद से हटाया जा सकता है। बाकी दो चुनाव आयुक्तों को सिर्फ राष्ट्रपति ही मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश पर हटा सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए पहले लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति को नोटिस दी जाती है। इस प्रस्ताव पर लोकसभा के 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के दस्तखत जरूरी होते हैं।

इसके बाद अध्यक्ष और सभापति तय करते हैं कि नोटिस मंजूर करनी है या नहीं। मंजूर होने पर आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति बनती है। अगर नोटिस लोकसभा और राज्यसभा में एक ही दिन दी जाए, तो दोनों सदनों के मंजूर करने के बाद ही समिति बनती है। नहीं तो जिस सदन में प्रस्ताव पहले आता है, उसी में समिति बनाई जाती है।

समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के एक जज, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक जाने-माने कानून विशेषज्ञ होते हैं। आरोप सही पाए गए तो समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट सदन के सामने रखती है और उस पर चर्चा होती है। चर्चा में जरूरत पड़ने पर सदस्य आरोपी आयुक्त को सदन के दरवाजे पर बुला सकते हैं। फिर औपचारिक वोटिंग होती है। दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पास हो जाए, तो राष्ट्रपति आखिरी मंजूरी देते हैं। इस प्रक्रिया से आज तक भारत के किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया गया है।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे