आगरझरी तलाव के पास खेत में बाघ के हमले में 60 साल की महिला की मौत
ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के मोहर्ली वनपरिक्षेत्र में आगरझरी तलाव के पास सोमवार दोपहर बाघ के हमले में एक 60 साल की महिला की जान चली गई। यह हादसा 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 2.35 बजे हुआ। महिला तलाव से लगे खेत में खाद की बोरी धो रही थी, तभी तलाव की तरफ से आए बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बाघ उन्हें कुछ दूर तक घसीटकर ले गया।
मृतक महिला का नाम सौ. मंदाबाई सूर्यभान मंगाम है। उनकी उम्र करीब 60 साल थी और वे आगरझरी की रहने वाली थीं। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। वन विभाग ने बताया कि घटना सर्वे क्रमांक 10/4, कंपार्टमेंट क्रमांक 187 के इलाके में हुई। गांववालों का कहना है कि आगरझरी इलाके में बाघ के हमले की यह अब तक की तीसरी घटना है।
खबर मिलते ही महिला को देखने के लिए गांववाले बड़ी तादाद में मौके पर जमा हो गए। उसी वक्त आसपास मौजूद बाघ ने भीड़ की तरफ चार्ज किया, जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई। बाघ से बचने के लिए भागते हुए कुछ गांववाले गिर पड़े। जानकारी के मुताबिक पेड़ पर चढ़ा एक आदमी भी नीचे गिर गया।
हालात की गंभीरता देखकर वन विभाग के कर्मचारी फौरन मौके पर पहुंचे और गांववालों को सुरक्षित दूरी पर ले गए। वन कर्मचारियों की सतर्कता से हालात काबू में आ गए और आगे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए हैं और बाघ की हलचल पर नजर रखना शुरू कर दिया है। लोगों की सुरक्षा के लिहाज से वन कर्मचारियों की गश्त और निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
इस बीच आगरझरी के गांववालों ने वन विभाग की गाड़ी रोककर मांग की कि बाघ को पिंजरा लगाकर पकड़ा जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि तलाव इलाके का कचरा साफ किया जाए, किसानों को खेती के काम के लिए खेत तक सुरक्षित जाने में मदद मिले और जरूरी जगहों पर वन कर्मचारी साथ रहें। मृतक महिला के बेटे को वन विभाग में रोजगार देने की मांग भी की गई।
मोहर्ली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी संतोष थिपे ने गांववालों से बात कर उनकी मांगें सुनीं। उन्होंने भरोसा दिया कि बाघ की हलचल को देखते हुए इलाके में नल चालू करते वक्त वन कर्मचारी साथ रखे जाएंगे, कचरा साफ किया जाएगा और किसानों को खेती के काम में जरूरी मदद देने पर कार्रवाई की जाएगी। दुर्गापूर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक एस. बी. शेगावकर ने भी गांववालों से बात कर माहौल शांत करने की कोशिश की।
वन विभाग ने महिला के परिवार को फौरी मदद के तौर पर 50 हजार रुपये दिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर भेजा गया है।
मौके पर आगरझरी के क्षेत्र सहायक ए. पी. तिजारे, मोहर्ली वनपरिक्षेत्र के वन कर्मचारी, दुर्गापूर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक एस. बी. शेगावकर, जाकीर कुरेशी, नरेश एलपुलवार और दूसरे पुलिस कर्मचारी मौजूद थे। पुलिस पाटील सौ. सिंधुबाई आत्राम और आगरझरी के गांववाले भी वहां थे।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि तलाव और जंगल से लगे इलाके में बेवजह भीड़ न लगाएं, और अकेले खेत में या जंगल के पास न जाएं। बाघ की हलचल पर नजर रखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम जारी रखे गए हैं।