चंद्रपुर के 15 में से 12 तालुकों में सूखा घोषित, कलेक्टर वसुमना पंत ने विभागों को दिए निर्देश
चंद्रपुर की कलेक्टर वसुमना पंत ने सूखा राहत उपायों पर समीक्षा बैठक ली और बैंक, महावितरण व दूसरे विभागों को काम के निर्देश दिए।
चंद्रपुर जिले के 15 में से 12 तालुकों में सूखा घोषित किया गया है। इसी को देखते हुए कलेक्टर वसुमना पंत ने 29 सितंबर को सूखा राहत उपायों पर समीक्षा बैठक ली और अलग-अलग विभागों को निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह मौजूद थे।
राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों के लिए विशेष मद के तौर पर 12 तरह के उपाय और रियायतें लागू करने का फैसला किया है। इनमें जमीन राजस्व में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन और खेती के पंपों के बिजली बिल में छूट शामिल हैं। इसकी जानकारी 2 अक्टूबर की ग्रामसभा में दी जाएगी।
कलेक्टर पंत ने कहा कि जमीन राजस्व में छूट के तहत हर तालुके में कितनी छूट देनी है, यह तुरंत बताया जाए। फसल कर्ज के पुनर्गठन के बारे में उन्होंने जिला अग्रणी बैंक मैनेजर से कहा कि जिले में अब तक कितने किसानों को कर्ज बांटा गया, कितने किसानों की कर्जमाफी हुई और कितनों के कर्ज का पुनर्गठन जरूरी है, यह जानकारी तुरंत दें। साथ ही 2 अक्टूबर की ग्रामसभा में कर्ज पुनर्गठन की जानकारी देने के लिए बैंक अधिकारियों को हाजिर रहने के निर्देश दिए जाएं।
खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक के लिए बैंकों को लिखित आदेश देने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि अगर वसूली हो रही हो और शिकायत आए, तो संबंधित बैंक पर कार्रवाई की जाए। सूखा प्रभावित तालुकों की हर ग्राम पंचायत में रोजगार हमी योजना के तहत कम से कम एक काम शुरू करने के लिए भी कहा गया।
खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट को लेकर महावितरण को नियोजन करने के निर्देश मिले। सूखे से निपटने के लिए अलग-अलग विभाग जिला नियोजन समिति के फंड से प्रस्तावित काम हाथ में लें और इन कामों की जानकारी 2 अक्टूबर की ग्रामसभा में गांववालों को दें। पंत ने यह भी कहा कि उपविभागीय और तहसील स्तर पर सभी विभागों की बैठक ली जाए।
बैठक में निवासी अतिरिक्त कलेक्टर दगडू कुंभार, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावार, उपजिलाधिकारी (रोहयो) शुभम दांडेकर, विभागीय वन अधिकारी राजन तलमले, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश धायगुडे, पशुसंवर्धन उपायुक्त डॉ. सुरेश कुमरे, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर आशिष सोनोने, जिला पुरवठा अधिकारी राहुल बहादुरकर और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सलिम शेख वगैरह मौजूद थे।
राज्य सरकार की 12 तरह की रियायतें ये हैं: 1) जमीन राजस्व में छूट, 2) फसल कर्ज का पुनर्गठन, 3) खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक, 4) खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट, 5) स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट, 6) रोहयो के तहत काम के मानकों में ढील देकर ज्यादा से ज्यादा काम शुरू करना, 7) जहां जरूरी हो वहां पीने का पानी पहुंचाने के लिए टैंकर का इस्तेमाल, 8) टंचाई घोषित गांवों में किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन न काटना, 9) खेती पर निर्भर किसानों और मजदूरों को अनाज की कमी न हो, इसकी व्यवस्था करना, 10) जानवरों के लिए जरूरी चारा मिले, इसका इंतजाम करना, 11) जलसंधारण के काम शुरू करना, 12) लोगों को पीने का पानी और जानवरों के लिए पानी का नियोजन करना।
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