मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:46 IST

चंद्रपूर जिले के सभी १२ तालुकों में सूखे का 'ट्रिगर-१' लागू, किसानों को मिलेगी राहत

बारिश की कमी के चलते चंद्रपूर के सभी तालुकों में सूखे का पहला चरण लागू, कर्ज पुनर्गठन और बिजली बिल में छूट का ऐलान।

चंद्रपूर जिले के सभी १२ तालुकों में सूखे का 'ट्रिगर-१' लागू, किसानों को मिलेगी राहत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपूर जिले के सभी बारह तालुकों में सूखे का 'ट्रिगर-१' लागू कर दिया गया है। खरीप सीजन 2026 में बारिश की कमी और दूसरे कारणों की वजह से राज्य के 265 तालुकों में यह ट्रिगर लागू हुआ है, और इनमें चंद्रपूर जिले के सारे बारह तालुके शामिल हैं। सूखा प्रबंधन संहिता-2016 के तहत जो तरीका तय है, उसी के मुताबिक जून से अब तक की बारिश की कमी और बाकी मानकों को देखकर यह फैसला लिया गया।

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है कि किसान, खेतिहर मजदूर और गांवों के लोगों पर सूखे का असर कम पड़े। कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 265 तालुकों में ट्रिगर-1 लागू होने की पुष्टि हुई है। चंद्रपूर जिले में चंद्रपूर, भद्रावती, गोंडपिपरी, राजुरा, कोरपना, मूल, वरोरा, सावली, चिमूर, नागभीड़, सिंदेवाही और पोंभूर्णा - यही बारह तालुके इस दायरे में आते हैं।

जिले में खरीप सीजन के लिए 4 लाख 70 हजार 277 हेक्टर पर बुवाई हुई थी। इसमें सबसे ज्यादा कपास की बुवाई 1 लाख 93 हजार 944 हेक्टर पर, धान की 1 लाख 86 हजार 42 हेक्टर पर और सोयाबीन की 53 हजार 976 हेक्टर पर हुई थी। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है।

सूखा प्रभावित इलाकों के लिए जमीन के महसूल में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन और खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक जैसी कई सुविधाएं दी गई हैं। कृषि पंपों के मौजूदा बिजली बिल में भी छूट मिलेगी। साढ़े सात अश्वशक्ति तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ किया जा चुका है, इसलिए अब यह छूट उससे ज्यादा क्षमता वाले पंपों पर लागू होगी। स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस भी माफ की जाएगी। गांवों में रोजगार हमी योजना के तहत ज्यादा काम शुरू करने के लिए नियम ढीले किए जाएंगे। पीने के पानी की जरूरत पड़ने पर टैंकर से पानी पहुंचाया जाएगा।

चारे, पानी और अनाज की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सूखे का असर किसानों और खेतिहर मजदूरों की रोजी-रोटी पर न पड़े। जानवरों के लिए चारा, नागरिकों के लिए पीने का पानी और मवेशियों के लिए जरूरी पानी की योजना बनाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। साथ ही जल संधारण के काम भी हाथ में लिए जाएंगे।

जिन तालुकों में ट्रिगर-1 लागू हुआ है, वहां फसलों के पंचनामे की कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे किए गए इलाकों में फसलों की मौजूदा हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस कोऑर्डिनेट इकट्ठा करके फसल की स्थिति की पूरी रिपोर्ट कृषि आयुक्त के जरिए सरकार को भेजी जाएगी। यह जानकारी चंद्रपूर की जिलाधिकारी वसुमना पंत ने दी है।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे