अमरावती की सभी 14 तहसीलों में ट्रिगर-1 लागू, कलेक्टर ने मांगी सूखे की कार्ययोजना
अमरावती जिले में खरीफ 2026 के दौरान बारिश की खींच से सूखे जैसे हालात बने हैं। कलेक्टर आशीष येरेकर ने अफसरों को अपने इलाके की सूखा कार्ययोजना जल्द सौंपने को कहा है।
अमरावती जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान जून महीने से बारिश ने खींच ली। दूसरी प्रतिकूल परिस्थितियां भी रहीं। इसी वजह से जिले में सूखे के गंभीर हालात बन गए हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवार को फैसला लिया और उसके मुताबिक जिले के सभी 14 तहसील में 'ट्रिगर-1' लागू कर दिया गया है।
इसी के मद्देनज़र जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने सभी उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों से कहा है कि वे अपने-अपने इलाके की 'सूखा कार्ययोजना' यानी सूखे की कार्ययोजना फौरन पेश करें। साथ ही अपने तहसील में फसलों के नुकसान के पंचनामे, जीपीएस लोकेशन और फोटो के साथ फसलों की हालत की पूरी रिपोर्ट भी देनी है। आने वाले गुरुवार को जिला स्तर पर इस कार्ययोजना की समीक्षा बैठक होगी।
येरेकर ने अलग-अलग उपायों की जिम्मेदारी अलग-अलग अफसरों को सौंपी है। फसलों के नुकसान का सही आकलन करने का जिम्मा तहसील कृषि अधिकारियों के पास है। किसान कर्जमाफी योजना, नई एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, ई-केवायसी, कर्ज वसूली पर रोक और कर्ज के पुनर्गठन का काम सहायक निबंधकों को दिया गया है।
के. बी. जीरामजी के तहत जलसंधारण के काम तेज़ी से पूरे कराने की जिम्मेदारी बीडीओ और जलसंधारण विभाग के उपअभियंताओं की रहेगी। किसानों को रोज़ कम से कम 12 घंटे बिना रुकावट बिजली देने का जिम्मा महावितरण के उपकार्यकारी अभियंताओं को मिला है। डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसानों को कर्ज बांटना और कर्जमाफी के लाभार्थियों का सुचारु नियोजन तहसीलदारों के पास रहेगा।
सूखे से प्रभावित इलाकों के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा सहसंचालक और प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। खेती पर निर्भर किसानों और खेत मज़दूरों को अनाज की कमी न हो, इसके लिए तहसीलदारों और जिला आपूर्ति अधिकारियों को ज़रूरी नियोजन करने को कहा गया है।
उपलब्ध पानी का पारदर्शी और सही इस्तेमाल पक्का करना जलसंधारण विभाग का काम होगा। गालपेर ज़मीन पर जानवरों के लिए चारे की फसल लगाने और चारे के नए क्षेत्र मुहैया कराने का काम जलसंपदा विभाग, तालुका पशुसंवर्धन अधिकारी और तहसीलदार मिलकर करेंगे। मुख्यमंत्री बलिराजा खेत सड़क और मातोश्री पांदन सड़क के काम शुरू करने की जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग, जिला परिषद और बीडीओ को दी गई है।
अमरावती, भातकुली, चांदूर रेलवे, नांदगाव खंडेश्वर, धामणगाव रेलवे, अचलपुर, अंजनगाव सुर्जी, तिवसा, धारणी, चिखलदरा, वरूड, मोर्शी, चांदूर बाजार और दर्यापुर, इन सभी 14 तहसील के प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। येरेकर ने सख्त चेतावनी दी है कि सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें और मदद व उपायों को लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
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