रत्नागिरी में सूखे से निपटने पालक मंत्री उदय सामंत का प्लान, चारा-पानी से कर्ज तक निर्देश
रत्नागिरी जिले में सूखे की हालत को देखते हुए पालक मंत्री उदय सामंत ने प्रशासन को पीक पंचनामे, पानी और कर्ज पुनर्गठन को लेकर तुरंत कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
रत्नागिरी जिले में सूखे जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने अब तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खेती, पीने के पानी और उद्योगों के लिए पानी के नियोजन में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए बारीकी से प्लानिंग करने के निर्देश उद्योग मंत्री और रत्नागिरी के पालक मंत्री डॉ. उदय सामंत ने दिए हैं।
यह बात सामंत ने जिलाधिकारी कार्यालय में हुई जिला पीक स्थिति समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया कि जिन तालुकाओं में सूखा घोषित हो चुका है, उनके साथ साथ जिले के बाकी तालुकाओं में भी पिकों के पंचनामे तुरंत शुरू किए जाएं। राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया गया है, जिसमें रत्नागिरी जिले के रत्नागिरी, संगमेश्वर और राजापुर, ये तीन तालुके शामिल हैं।
सामंत ने बताया कि जिले के बाकी तालुकाओं में भी सूखे जैसी स्थिति है, इसलिए उन्हें भी सूखा सूची में शामिल कराने के लिए सरकार के पास पीछा किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन को बाकी तालुकाओं के पूरे प्रस्ताव जल्द से जल्द सरकार को भेजने की सूचना दी गई है। अगर बारिश और लंबी खिंचती है, तो खेती, पीने का पानी और उद्योग क्षेत्र के लिए अलग से पानी नियोजन का प्लान तैयार रखने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
पीक पंचनामे करते वक्त अफसरों और कर्मचारियों को सीधे किसानों के खेत तक जाकर संवेदनशीलता से काम करने को कहा गया है। पंचनामे के दौरान किसानों का बैंक खाता, आधार डिटेल और ई केवायसी सही तरीके से पूरा करने की सूचना दी गई है। हर पात्र किसान का 'एग्रीस्टैक' में रजिस्ट्रेशन हो, इसका ध्यान तलाठी और ग्रामसेवक रखें, ऐसा भी कहा गया। जो किसान नौकरी या धंधे के लिए बाहर गांव जाकर बस गए हैं, उनसे संपर्क करके उनकी खेती के भी पंचनामे पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुसंवर्धन विभाग ने बताया कि जिले में मार्च 2027 तक चलने लायक चारा उपलब्ध है। धान की कटाई के बाद मिलने वाला पेंडा खरीदने के लिए खास फंड का प्रस्ताव भेजने की सूचना पालक मंत्री ने जिलाधिकारी को दी। जलसंधारण के कामों का भी जायजा लिया गया। जलयुक्त शिवार के तहत 233 गांवों में काम चल रहा है और जिले के 20 बड़े बांधों में 82 फीसदी पानी का स्टॉक है, यह जानकारी बैठक में दी गई। आगे की तंगी को देखते हुए पूरे जिले में 'वनराई बंधारे' बनाने की मुहिम चलाने के निर्देश सामंत ने दिए।
किसानों के कृषि कर्जों के प्रकार और दायरा तय करके अग्रणी बैंक कर्ज पुनर्गठन की रिपोर्ट पेश करे, ऐसे निर्देश दिए गए। साथ ही 7.5 अश्वशक्ति तक के कृषि पंपों का बिजली बिल माफ है, इससे ऊपर के पंपों को भी छूट देने पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा गांवों में रोजगार हमी के काम बड़े पैमाने पर शुरू करने, पीने के पानी के लिए टैंकर मंजूरी के नियम ढीले करने और सूखा प्रभावित इलाकों के कॉलेज छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने की सूचना पालक मंत्री ने दी है।
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