मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:39 IST

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, जानिए कितनी पढ़ी-लिखी हैं

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, जानिए कितनी पढ़ी-लिखी हैं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनके 14 साल के कप्तानी के सफर पर पूर्णविराम लग गया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मोड़ पर टीम की कमान संभाली और कई बड़े टूर्नामेंट में भारत की अगुवाई की।

कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश डाला। उसमें लिखा कि कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत का दौर अब खत्म हो गया है, लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर जारी रहेगा। इसी बहाने आइए जानते हैं कि हरमनप्रीत कितनी पढ़ी-लिखी हैं।

हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। उनका जन्म 8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा जिले में हुआ। उनके पिता हरमंदर सिंह भुल्लर खुद खिलाड़ी थे और उन्होंने ही हरमन को क्रिकेट का पहला सबक सिखाया। मां सतविंदर कौर गृहिणी हैं। बचपन से ही हरमन को क्रिकेट का जबरदस्त शौक था और पिता उनके पहले कोच बने।

हरमन ने स्कूल की पढ़ाई मोगा में पूरी की। इसके बाद ज्ञान ज्योति स्कूल अकादमी में दाखिला लेकर क्रिकेट की ट्रेनिंग शुरू की, जहां उन्हें कोच कमलदीश सिंह सोधी का मार्गदर्शन मिला। साल 2014 में वे मुंबई चली गईं और भारतीय रेलवे में नौकरी भी शुरू कर दी।

हरमनप्रीत ने 2009 से 2011 के बीच चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए ग्रेजुएशन पूरा किया। इससे पहले वे जालंधर के एक कॉलेज में पढ़ रही थीं, लेकिन क्रिकेट टूर्नामेंट और परीक्षाओं की तारीखें टकराने की वजह से उन्हें कॉलेज बदलना पड़ा। उन्होंने समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों से पढ़ाई की।

साल 2018 में उनकी डिग्री पर सवाल उठे और उन्हें डीएसपी के पद से हटाए जाने का विवाद भी हुआ था। हरमनप्रीत ने अपने बचाव में कहा कि उनकी सभी डिग्रियां कानूनी और वैध हैं।

अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो हरमनप्रीत ने मार्च 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच से शुरुआत की। जून 2009 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 में डेब्यू किया। आज वे महिला क्रिकेट की सबसे कामयाब कप्तानों में गिनी जाती हैं और उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती है।

एशियाई खेलों (Asian Games) में भी उन्होंने भारतीय टीम को बड़ी कामयाबी दिलाई। उनकी अगुवाई में भारत ने लगातार दो बार एशियाड का गोल्ड मेडल जीता। पिछले महीने निशिन में भारतीय टीम ने दूसरी बार एशियाड गोल्ड अपने नाम किया। कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत की यह आखिरी बड़ी कामयाबी रही।

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