राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित, आठ दिन में जिलावार बैठकें करेगी सरकार: गोगावले
रोहयो और फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि परेशान किसानों के पीछे सरकार पूरी ताकत से खड़ी रहेगी।
महाराष्ट्र में बारिश कम होने से पैदा हुए सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने और सूखे से निपटने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया जा चुका है।
रोहयो और फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले ने मुंबई में कहा कि बारिश कम होने की वजह से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया है। उनके मुताबिक परेशान किसानों के पीछे सरकार पूरी ताकत से खड़ी रहेगी। उन्होंने बताया कि अगले आठ दिन में जिलावार बैठकें लेकर उपायों की समीक्षा की जाएगी।
गोगावले ने कहा कि सूखे से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में पैसा देकर किसानों को मजबूत करने की कोशिश करेंगी। इसके लिए केंद्र से 4 हजार 400 करोड़ रुपये और राज्य से 3 हजार 300 करोड़ रुपये उपलब्ध हो चुके हैं। सरकार का जोर व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं और अलग-अलग विकास कामों के जरिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने पर रहेगा।
बारिश की हालत पर बोलते हुए मंत्री ने कहा, "कोकण में कुछ हद तक बारिश हुई है, लेकिन विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में पानी और खेती को लेकर बड़ी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। इन जिलों के हालात वाकई गंभीर हैं और इनसे कैसे निपटा जाए, इसकी बारीक प्लानिंग चल रही है।"
सूखे में गांव के मजदूरों को काम मिल सके, इसके लिए रोजगार हमी योजना के तहत कई काम हाथ में लिए जाएंगे। इनमें तालाबों से गाद निकालना और कुओं की मरम्मत करना शामिल है। स्कूलों की इमारतें, श्मशान भूमि और दूसरे जरूरी नागरिक काम भी पूरे किए जाएंगे। मकसद गांवों का हर तरह से विकास करते हुए रोजगार के मौके बनाना है। जिन इलाकों में मजदूर नहीं मिलेंगे, वहां काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
गोगावले ने बताया कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से विस्तार से चर्चा हो चुकी है और सरकार पूरी ताकत से किसानों की मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री जल्द ही महाराष्ट्र के दौरे पर आ रहे हैं। उनके साथ खास बैठक करके केंद्र से ज्यादा से ज्यादा मदद दिलाने पर बात की जाएगी।
प्रशासन की ओर से भरोसा दिया गया है कि अगले आठ दिन में सभी संबंधित पक्षों और जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जिलावार समीक्षा बैठकें होंगी और सूखे की दिक्कतें जल्द से जल्द दूर की जाएंगी।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।