बल्लारपुर, जिवती, ब्रह्मपुरी में सूखे की जमीनी जांच के निर्देश, मुनगंटीवार ने की थी मांग
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मदद और पुनर्वास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तीनों तालुकों में खुद जाकर जांच कर सूखा पीड़ितों को मदद देने के निर्देश दिए हैं।
चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर, जिवती और ब्रह्मपुरी तालुका के किसानों के लिए मुंबई से खबर आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मदद व पुनर्वास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि इन तीनों तालुकों में मौके पर जाकर हालात देखे जाएं और सूखे की मार झेल रहे किसानों को मदद दी जाए।
ये तीनों तालुका सूखाग्रस्त सूची से बाहर रखे गए थे। इसी वजह से विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने मुंबई में मुख्यमंत्री के वर्षा निवास पर उनसे मुलाकात की और मांग रखी कि इन तालुकों के किसानों को भी न्याय मिले। बताया गया है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस पर तुरंत ध्यान दिया।
चंद्रपुर जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान बारिश अनिश्चित और असमान रही। फसलों की हालत चिंताजनक बताई गई है, पानी की उपलब्धता का सवाल है और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मुनगंटीवार ने इन बातों को देखते हुए सरकार का ध्यान बार-बार खींचा है। जिले के 12 तालुका सूखाग्रस्त सूची में शामिल हो चुके हैं। उसके बाद उन्होंने बाकी तीन तालुकों के किसानों को भी बराबरी का न्याय दिलाने के लिए यह मुद्दा सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा।
मुख्यमंत्री को दिए निवेदन में मुनगंटीवार ने तीनों तालुकों की बारिश, फसलों की मौजूदा हालत, पानी की उपलब्धता और असल में सूखे की स्थिति का तथ्यों पर आधारित जायजा लेने की मांग की। उनका रुख यह रहा कि फैसला सिर्फ पहले से तय पैमानों या मौजूद आंकड़ों पर न हो, बल्कि जमीन पर हालात जांचकर नुकसान झेलने वाले किसानों को राहत दी जाए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने ग्राउंड ट्रुथिंग के जरिए असल हालात परखने, नई फसल निरीक्षण पद्धति से फसलों की स्थिति जानने और जरूरी पंचनामे करके सही स्थिति तय करने पर जोर दिया। निर्देश यह है कि जिन किसानों पर सूखे की मार सचमुच पड़ी है, वे मदद से वंचित न रहें। इससे तीनों तालुकों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने का रास्ता नई जांच के लिए खुल गया है। सूखे की तीव्रता और फसल नुकसान निरीक्षण और पंचनामों से साफ होने के बाद आगे के फैसले की प्रक्रिया शुरू होगी।
सूखाग्रस्त सूची में नाम आने पर संबंधित किसानों को सरकार की कई रियायतें मिलती हैं। इनमें बिजली बिल में छूट, बिजली कनेक्शन न काटना, विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट, पानी की सप्लाई, और फसल नुकसान के हिसाब से मदद व नुकसान भरपाई शामिल हैं।
मुनगंटीवार ने कहा कि खेत में संकट कितना है, यह कागज के आंकड़ों से ज्यादा किसान की मेड़ पर जाकर ही समझ आता है। उनके मुताबिक बल्लारपुर, जिवती और ब्रह्मपुरी के किसानों को सिर्फ सूची से बाहर होने की वजह से सूखे की मदद से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राउंड ट्रुथिंग, फसल निरीक्षण और पंचनामों से असल हालात सामने आएं और सूखे की मार झेलने वाले हर पात्र किसान को मदद मिले, यही उनकी भूमिका है। तुरंत निर्देश देने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार माना।
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