सूखे के बीच शिंदे की अपील: नवरात्रि सादगी से मनाएं, बचा पैसा किसानों को दें
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए त्योहारों का खर्च घटाने और बचत उन्हें देने की अपील की है।
मुंबई: राज्य में सूखे जैसे गंभीर हालात बने हुए हैं। इसे देखते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपील की है कि आने वाला नवरात्रोत्सव और बाकी धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुत सादगी से मनाए जाएं। उनका कहना है कि अन्नदाता के साथ मजबूती से खड़े होने के लिए यह जरूरी है।
शिंदे ने शिवसेना के पदाधिकारियों, सार्वजनिक मंडलों और आम नागरिकों से कहा है कि इन उत्सवों में जो पैसा बचे, वह सीधे सूखे से परेशान किसानों की मदद में दिया जाए।
इस साल विदर्भ, मराठवाड़ा और राज्य के दूसरे हिस्सों में बारिश ने साथ नहीं दिया। ज्यादातर जगहों पर सूखे का साया है। खड़ी फसलें झुलस गईं, जिससे हजारों किसान परेशान हैं।
इन हालात पर बोलते हुए शिंदे ने अपनी बात फिर दोहराई कि "राज्य की तिजोरी पर पहला हक हमारे बलिराजा का है।" उन्होंने कहा कि ऐसे संकट में महायुति सरकार और शिवसेना पार्टी पूरी ताकत से किसानों के साथ खड़ी है। सरकारी स्तर पर हर तरह की मदद के इंतजाम चल ही रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक समाज के तौर पर भी हर किसी को आगे आकर योगदान देना जरूरी है।
शिंदे ने कहा कि जब किसान भाई संकट और चिंता में हों, तब आने वाले त्योहार और उत्सव बड़े धूमधाम से मनाना ठीक नहीं होगा। इसलिए सार्वजनिक मंडल, शिवसेना के सभी पदाधिकारी, सामाजिक संस्थाएं और नागरिक उत्सव बिल्कुल सादगी से मनाएं। उत्सवों पर होने वाले भारी खर्च को छोड़कर जो रकम बचे, उसे सूखे से प्रभावित किसान भाइयों की सीधी मदद और पुनर्वसन के लिए दिया जाए, यह उन्होंने कहा।
शिंदे ने भरोसा जताया कि अन्नदाता मुसीबत में है और हम सब उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ें, तो इस प्राकृतिक आपदा पर काबू पाना आसान होगा। उनके मुताबिक उत्सव के खर्च में बचत करके अगर हम एक भी किसान की आंखों के आंसू पोंछ सकें और उसके चेहरे पर मुस्कान ला सकें, तो वही आदिशक्ति जगदंबा की सच्ची सेवा होगी।
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