मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:46 IST

शक्तीपीठ महामार्ग: 409 में से 129 गांवों में संयुक्त जमीन नापजोख पूरी, बाकी में काम जारी

पवनार से पत्रादेवी तक प्रस्तावित शक्तीपीठ महामार्ग के लिए 13 जिलों में संयुक्त जमीन मापजोख चल रही है। 40 तालुकों के 409 गांवों में से 129 में काम पूरा हो चुका है।

शक्तीपीठ महामार्ग: 409 में से 129 गांवों में संयुक्त जमीन नापजोख पूरी, बाकी में काम जारी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

महाराष्ट्र के बहुचर्चित शक्तीपीठ महामार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण का काम रफ्तार पकड़ रहा है। पवनार (जिला वर्धा) से पत्रादेवी (जिला सिंधुदुर्ग) के बीच प्रस्तावित इस महामार्ग के लिए 13 जिलों में संयुक्त जमीन पैमाइश चल रही है। बताया गया है कि किसानों के सहयोग से यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

अब तक 40 तालुकों के 409 गांवों में से 129 गांवों में संयुक्त पैमाइश पूरी हो चुकी है। 15 गांवों में पैमाइश आंशिक रूप से पूरी हुई है, जबकि बाकी 265 गांवों में किसानों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू है।

यह एक्सप्रेसवे करीब 856.765 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह राज्य के 13 जिलों से गुजरेगा और विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण को आपस में जोड़ेगा। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों को जोड़ने की वजह से इस महामार्ग को अहम माना जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में संयुक्त जमीन पैमाइश एक अहम पड़ाव मानी जाती है। इसीलिए जिलाधिकारी प्रशासन और राजस्व विभाग की तरफ से पैमाइश का काम कराया जा रहा है। राज्य सरकार ने 5 मई 2026 को महामार्ग के संशोधित नक्शे की अधिसूचना जारी की थी, और मौजूदा पैमाइश उसी संशोधित नक्शे के हिसाब से हो रही है।

विदर्भ में वर्धा और यवतमाल जिलों में काम आगे बढ़ा है। वर्धा जिले के दो तालुकों के 20 गांवों में और यवतमाल के छह तालुकों के 70 गांवों में पैमाइश हो चुकी है।

मराठवाड़ा में नांदेड़ के एक तालुके के 11 गांवों, हिंगोली के तीन तालुकों के 40 गांवों और परभणी के दो तालुकों के छह गांवों में संयुक्त पैमाइश पूरी हो गई है। बीड के दो तालुकों के आठ गांवों में भी काम पूरा हुआ है। लातूर जिले के तीन तालुकों में चार गांवों की पैमाइश पूरी है और आठ गांवों में आंशिक रूप से हुई है। धाराशिव के एक तालुके के आठ गांवों में पैमाइश पूरी है, जबकि पांच गांवों में आंशिक रूप से पूरी हुई है।

पश्चिम महाराष्ट्र के जिलों में संयुक्त जमीन पैमाइश को लेकर किसानों से बातचीत चल रही है। पैमाइश और भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का भरोसा जीतने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) और जिलाधिकारी स्तर से संवाद किया जा रहा है।

महामार्ग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एमएसआरडीसी ने 'शक्तीपीठ संवाद यात्रा' का पहला चरण वर्धा जिले में रखा था। इसके अलावा जिलाधिकारी प्रशासन, राजस्व विभाग और महामंडल के बीच तालमेल बना रहे, इसके लिए पुणे के 'यशदा' में एक कार्यशाला भी हुई। अब प्रशासन का जोर बाकी गांवों में किसानों से बात करके पैमाइश पूरी करने पर है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे