नागपुर पदवीधर सीट: चार उम्मीदवारों ने भरे पर्चे, बीजेपी ने रैली नहीं निकाली
विधान परिषद की नागपुर विभाग पदवीधर सीट के लिए कांग्रेस, बीजेपी और दोनों पार्टियों के बागियों ने नामांकन दाखिल किया।
विधान परिषद की नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ सीट के चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन दाखिल हुए। कांग्रेस के अभिजीत वंजारी, बीजेपी के सुधाकर कोहळे, बीजेपी के दो बागी अनिल सोले और एड. रमण सेनाड, और राष्ट्रवादी शरद पवार गट के बागी कराळे समेत कुछ और उम्मीदवारों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ अपने पर्चे भरे।
विभागीय आयुक्त दफ्तर के आसपास का इलाका किसी राजनीतिक कार्यक्रम जैसा दिख रहा था। बड़ी पार्टियों के उम्मीदवारों ने सोमवार को पर्चा भरने का ऐलान किया था, इसलिए प्रशासन ने वहां इंतजाम किए थे। पूरे परिसर में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त था। सभी पर्चे विभागीय आयुक्त और निर्वाचन अधिकारी विजयालक्ष्मी बिदरी के पास जमा किए गए।
कांग्रेस महाविकास आघाडी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की नामांकन रैली राष्ट्रवादी कांग्रेस (शप) के नेता अनिल देशमुख के जीपीओ परिसर वाले घर से निकली। इस रैली के जरिए कांग्रेस ने एकजुटता दिखाई। रैली में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, कांग्रेस विधिमंडल पक्षनेता विजय वडेट्टीवार, विधायक विकास ठाकरे, पूर्व मंत्री सुनील केदार, राजेंद्र मुळक और रणजित कांबळे शामिल हुए।
इनके अलावा विधायक संजय मेश्राम, पूर्व विधायक अशोक धवड, अतुल लोंढे, अतुल कोटेचा, राष्ट्रवादी के शहराध्यक्ष दुनेश्वर पेठे, दूसरे प्रमुख पदाधिकारी और नगरसेवक भी रैली में थे। वंजारी ने दोपहर 12 बजे नामांकन पर्चा दाखिल किया। इसके बाद जवाहर विद्यार्थीगृह में उनके प्रचार की शुरुआत की गई।
बीजेपी की तरफ से सुधाकर कोहळे के नामांकन की पूरी तैयारी की गई थी। सिविल लाइन्स के स्वागत लॉन से रैली निकलनी थी। लेकिन पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने दुष्काल को देखते हुए सादगी से पर्चा भरने की सूचना दी, और रैली रद्द कर दी गई। बावनकुळे के साथ राज्यमंत्री आशिष जयस्वाल और पंकज भोयर, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र कोठेकर, शहराध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, विधायक प्रवीण दटके, विष्णु चागदे और कार्यकर्ता इकट्ठा हुए थे।
बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व विधायक सुधाकर कोहळे ने उम्मीद जताई कि अनिल सोले ने भले पर्चा भरा हो, पर आखिर में पार्टी के हित में वे नाम वापस ले लेंगे। कोहळे ने यह भी दावा किया कि सोले उनके राजनीतिक गुरु हैं और पार्टी नेतृत्व समेत सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके साथ हैं।
बीजेपी के बागी अनिल सोले और एड. रमण सेनाड तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस (शप) के बागी नितेश कराळे 10 से 15 मिनट के अंतर से पर्चा भरने पहुंचे। सोले के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर पूरा इलाका गुंजा दिया। सेनाड के साथ भी अच्छे खासे समर्थक थे। कराळे ने संविधान चौक से रैली निकाली। वे पगड़ी पहनकर आए थे, और उनके साथ महात्मा गांधी की वेशभूषा में एक कार्यकर्ता और महिला कार्यकर्ता भी थीं।
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