नांदेड की सूखा समीक्षा बैठक में काजू-बदाम खाने पर अंबादास दानवे और संजय शिरसाट नाराज
पिंपरी में पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना (ठाकरे) नेता अंबादास दानवे ने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सत्ताधारी नेता सूखे की समीक्षा बैठक में काजू-बदाम खा रहे हैं।
राज्य के कई हिस्सों में सूखे की हालत गंभीर होती जा रही है और किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा। इसी बीच शिवसेना (ठाकरे) नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया है कि जिन किसानों के घर में दिया जलाने के लिए तेल तक नहीं बचा, उसी सूखे की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में सत्ता में बैठे लोग काजू-बदाम खा रहे थे।
दानवे शनिवार को पिंपरी-चिंचवड शहर में विभिन्न गणेश मंडलों, शिवसेना शाखाओं, पदाधिकारियों और वरिष्ठ शिवसैनिकों से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सूखे के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा।
दरअसल मराठवाड़ा की सूखा स्थिति का जायजा लेने के लिए कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की मौजूदगी में नांदेड में एक बैठक हुई थी। दानवे का दावा है कि इसी बैठक के दौरान सांसद संजय जाधव के काजू-बदाम खाने का एक वीडियो सामने आया। इस पर गुस्सा जताते हुए दानवे ने कहा, "सूखे में किसानों की हालत खराब है, ऐसे में जनप्रतिनिधियों का यह बर्ताव दुर्भाग्यपूर्ण है। हल्का नाश्ता करने में कोई हर्ज नहीं, लेकिन काजू-बदाम खाने वालों से जनता को जवाब मांगना चाहिए।"
दानवे ने आगे तंज कसते हुए कहा, "अंग्रेजों के जमाने में नागरिकों पर जुल्म होता था। आज सत्ता में बैठे लोग भी जनता के साथ उसी तरह पेश आ रहे हैं। ऐसे असंवेदनशील जनप्रतिनिधियों का चुनकर आना राज्य का दुर्भाग्य है।" उन्होंने कहा कि राज्य का किसान संकट में है और कई इलाकों में सूखे की तीव्रता बढ़ गई है। दानवे के मुताबिक उन्होंने गणपति बप्पा से प्रार्थना की है कि किसान इस संकट से बाहर निकलें, अच्छी बारिश हो और किसानों की अनदेखी करने वालों को जनता सबक सिखाए।
इस पूरे मामले पर शिवसेना नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने भी नाराजगी जताई है और दानवे का सुर उन्हीं की बात के साथ मिल गया है। नांदेड में हुई मराठवाड़ा विभागीय सूखा समीक्षा बैठक में नेताओं की थाली में काजू-बदाम परोसे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। शिरसाट ने इस पर अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब खरीफ का सीजन बर्बाद हो चुका है और किसान मदद की राह देख रहे हैं, ऐसे वक्त अधिकारियों की इस फिजूल मेहमाननवाजी की वजह से नेताओं को बदनामी झेलनी पड़ती है। संजय जाधव के काजू-बदाम खाने का वीडियो खासतौर पर वायरल हुआ। शिरसाट ने इसे मेहमाननवाजी नहीं बल्कि अधिकारियों की गलती करार दिया और कहा कि वे इस बारे में विभागीय आयुक्त से बात करेंगे। महाराष्ट्र के कई जिले सूखे की चपेट में हैं और किसान सादी चटनी-रोटी खाकर दिन काट रहे हैं, ऐसे में नेताओं की थाली में दिखे काजू-बदाम ने हर तरफ आलोचना को जन्म दे दिया है।
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