मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

सूखे जैसे हालात पर विशेष सत्र बुलाएंगे? विरोधियों की मांग पर कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की पहली प्रतिक्रिया

बारिश लंबे समय तक गायब रहने से राज्य में खरीफ का सीजन संकट में आ गया है, मराठवाड़ा और पश्चिम विदर्भ के कई इलाकों में फसलों का बड़ा नुकसान हुआ है और सूखे जैसे हालात बन गए हैं।

सूखे जैसे हालात पर विशेष सत्र बुलाएंगे? विरोधियों की मांग पर कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की पहली प्रतिक्रिया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्य में बारिश ने लंबा गैप दिया है, जिसकी वजह से खरीफ का सीजन संकट में आ गया है। मराठवाड़ा और पश्चिम विदर्भ के कई इलाकों में फसलों का बड़ा नुकसान हुआ है और सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इसी वजह से विरोधी पार्टियां किसानों को मदद मिले, इसके लिए राज्य सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही थीं। इस पर अब कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने सरकार का रुख साफ किया है।

अकोला में अमरावती डिवीजन के हालात का जायजा लेने के लिए एक बैठक हुई। इससे पहले मराठवाड़ा के 76 तालुकाओं का जायजा लिया जा चुका था, वहीं अमरावती डिवीजन के 56 तालुकाओं में फसलों की स्थिति पर भी चर्चा हुई थी। भरणे ने बताया कि एनडीआरएफ, फसल बीमा और दूसरी स्कीमों के जरिए मदद के कौन-कौन से रास्ते निकल सकते हैं, इसकी जांच सरकार कर रही है।

राज्य में सूखे जैसे हालात होने की बात मानते हुए भरणे ने कहा, "किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। बारिश न होने की वजह से जो निवाला हाथ-मुंह तक आ चुका था, वह भी कुदरत ने छीन लिया है। सरकार की तरफ से अलग-अलग विभागों का जायजा लिया जा रहा है और जिन किसानों का नुकसान हुआ है उन्हें मदद देने के लिए जानकारी इकट्ठा की जा रही है।"

जब उनसे विशेष सत्र बुलाने की मांग के बारे में पूछा गया, तो भरणे ने जवाब दिया, "सत्र बुलाने की कोई जरूरत नहीं है। हम सब एक ही तो हैं ना। आखिर में किसान की मदद ही तो करनी है, इसके लिए सत्र की क्या जरूरत है।"

अकोला की इसी समीक्षा बैठक के दौरान कुछ अधिकारी मोबाइल फोन और सोशल मीडिया में व्यस्त दिखे थे। इस मुद्दे पर भरणे ने ज्यादा ध्यान न देते हुए कहा कि किसानों के हालात पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, "कोई एक होपलेस आदमी मोबाइल चला रहा है, गेम खेल रहा है, तो इस पर मेरे साथ-साथ आप भी ध्यान मत दीजिए। किसान को सहारा देना और किसानों की मदद करना अभी ज्यादा जरूरी है।"

किसानों की मुश्किलें कितनी गंभीर हैं, यह बताते हुए भरणे ने कहा, "किसानों ने बहुत सारे सपने संजोए थे, उन किसानों के सारे सपने चकनाचूर हो गए हैं। किसान को ठीक से नींद नहीं आती।"

सूखे जैसे हालात का पूरा जायजा पूरा होने के बाद सरकार आगे का फैसला लेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सूखे जैसे हालात का बड़े पैमाने पर जायजा लेने का काम शुरू करने के संकेत दिए हैं। इसी वजह से जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उनके लिए सरकार आखिर कौन सी मदद का ऐलान करती है, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

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