महाराष्ट्र में १०० प्रतिशत सूखा घोषित होने की तैयारी, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील का दावा
बारिश न होने से २० जिलों में सोयाबीन, कपास और गन्ने की फसल जल गई, सरकार ने पहले ही ट्रिगर १ लागू किया
महाराष्ट्र में सूखे को लेकर सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में १०० प्रतिशत सूखा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह जानकारी सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने दी है।
बाबासाहेब पाटील ने कहा, "इतना सूखा मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। इस साल राज्य में कोई भी फसल नहीं आई, सोयाबीन, कपास तो नहीं ही, गन्ना भी गया है। सूखा तो घोषित होने वाला है। एनडीआरएफ के नियमों के हिसाब से सरकार मदद करेगी। सूखा १०० प्रतिशत घोषित होगा।" यानी उनके मुताबिक इतना भयंकर सूखा उन्होंने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखा, और एनडीआरएफ के नियमों के हिसाब से सरकार मदद करेगी।
पिछले डेढ़ महीने से राज्य में बारिश ने जो ब्रेक लिया है, उससे किसान बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। ज्यादातर इलाकों में खरीफ फसलों का हाल बहुत बुरा हो गया है। पर्याप्त बारिश न होने की वजह से सोयाबीन, कपास और गन्ने की फसल पूरी तरह जल गई है। किसानों के सामने दोबारा बुवाई करने की नौबत आ गई है। इसी हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही सूखे का ट्रिगर १ लागू कर दिया है। विपक्ष भी लगातार सूखा घोषित करने की मांग कर रहा था, और अब सरकार ने इस बारे में अहम अपडेट दी है।
राज्य के २० जिलों में बारिश की कमी की वजह से खरीफ की फसलें जल गई हैं। मांग की जा रही है कि सूखा घोषित करके किसानों को तुरंत मदद दी जाए। सरकार ने इसी दिशा में कदम उठाते हुए सूखा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ऐसा बाबासाहेब पाटील ने बताया।
राज्य के कई हिस्सों में बारिश ने दगा दिया है, जिससे सूखे जैसे हालात बन गए हैं। इसी वजह से राज्य में सूखा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सूखा घोषित करने के लिए फसलों की मौजूदा स्थिति, जमीन में नमी और बांधों में पानी के स्टॉक के आंकड़े जांचे जाएंगे। इन सभी बातों की समीक्षा करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि राज्य में सूखे के हालात गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सूखा घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा, और राज्य सरकार की तरफ से जो भी जरूरी मदद होगी वह की जाएगी।
इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने भी सूखे के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है। शरद पवार २८ सितंबर को राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरे में वे मौके पर जाकर हालात का जायजा लेंगे और किसानों से बातचीत करेंगे।
कुछ दिन पहले ही शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य में सूखा घोषित करने की मांग की थी। ऐसे में अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि सूखे को लेकर राज्य सरकार क्या फैसला लेती है।
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