मुंबई पुलिस से मोर्चा की इजाजत नहीं, जरांगे पाटील अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में
मराठा आरक्षण को लेकर उपोषण कर रहे मनोज जरांगे पाटील को आझाद मैदान में आंदोलन की इजाजत पुलिस ने फिर नकार दी, अब वे हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर उपोषण पर बैठे मनोज जरांगे पाटील के अनशन का आज 18वां दिन है। जरांगे पाटील आज यानी 15 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे अपने कुछ चुनिंदा समर्थकों के साथ अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए रवाना होने वाले हैं। मुंबई के आझाद मैदान में आंदोलन करने के लिए मुंबई पुलिस पहले भी इजाजत नकार चुकी है, जिसके बाद जरांगे की तरफ से एक बार फिर नया अर्जी दाखिल किया गया है।
इस नई अर्जी में सिर्फ 50 लोगों को आंदोलन की इजाजत देने की मांग की गई है। अर्जी में यह भी लिखा गया है कि आंदोलन के लिए पुलिस के तमाम नियम और शर्तें पाली जाएंगी, और 18 सितंबर को जो वक्त तय किया गया है, उसी में आंदोलन किया जाएगा। आज दोपहर तक पुलिस इस अर्जी पर क्या फैसला लेती है, इस पर सबकी नजर है। लेकिन अगर पुलिस ने फैसला नहीं लिया तो मनोज जरांगे पाटील दोपहर में कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकते हैं, ऐसी संभावना जताई जा रही है।
मुंबई पुलिस ने आझाद मैदान में दूसरी बार आंदोलन की इजाजत नकारने के बाद अब जरांगे पाटील आगे क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सबकी उत्सुकता बनी हुई है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे मुंबई में अकेले ही उपोषण के लिए जाएंगे और उनके साथ कोई और मुंबई नहीं आएगा। मुंबई पुलिस ने कानूनी और सुरक्षा वजहों का हवाला देते हुए इजाजत नकार दी है। लेकिन जरांगे आझाद मैदान में ही आंदोलन करने की अपनी बात पर कायम हैं। अगर इजाजत नहीं मिली तो हाईकोर्ट में गुहार लगाने की तैयारी उन्होंने दिखाई है।
पुलिस ने इजाजत क्यों नकारी, इसकी वजह भी सामने आई है। पिछले साल के मराठा आंदोलन के दौरान साउथ मुंबई में करीब 5 हजार गाड़ियां बिना इजाजत खड़ी कर दी गई थीं, जिससे ट्रैफिक बुरी तरह बिगड़ गया था। इससे कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा हो गया था, ऐसी पुलिस की आपत्ति है। कल यानी 14 सितंबर से मुंबई में गणेशोत्सव भी शुरू हो चुका है। इस दौरान शहर में भारी तादाद में भक्तों की भीड़ जुटती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से हालात संवेदनशील हैं, ऐसा पुलिस का कहना है।
आझाद मैदान की करीब 7 हजार वर्ग मीटर जगह में नियमों के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा 5 हजार आंदोलनकारियों को ही जगह दी जा सकती है। लेकिन मनोज जरांगे पाटील ने बड़ी तादाद में मुंबई आने का आवाहन किया है, इसलिए भीड़ को कंट्रोल करने को लेकर पुलिस ने चिंता जताई है। अगर बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मुंबई पहुंचे तो साउथ मुंबई के ट्रैफिक पर असर पड़ने की आशंका है। इस इलाके के जी.टी., कामा, सेंट जॉर्ज और बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे अस्पतालों, कोर्ट और आर्थिक केंद्रों के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है, यह प्रशासन की चिंता है। अब मनोज जरांगे पाटील की नई अर्जी पर मुंबई पुलिस क्या फैसला लेती है, और इजाजत न मिलने पर वे हाईकोर्ट में क्या भूमिका रखते हैं, इस पर पूरे राज्य की नजर टिकी है।
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