मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:37 IST

संगमनेर में किसानों का हंगामा, प्रांताधिकारी दफ्तर में कुर्सियां तोड़ीं

प्रांताधिकारी के गैरहाजिर रहने पर बाळासाहेब थोरात और जयश्री थोरात दफ्तर के बाहर बैठ गए, इसके बाद गुस्साए किसान केबिन में घुस गए

संगमनेर में किसानों का हंगामा, प्रांताधिकारी दफ्तर में कुर्सियां तोड़ीं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

संगमनेर में आज राजनीति खासी गरमा गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाळासाहेब थोरात और उनकी बेटी जयश्री थोरात की अगुआई में किसानों का एक मोर्चा प्रांताधिकारी दफ्तर पर पहुंचा था। लेकिन प्रांताधिकारी अरुण उंडे उस वक्त दफ्तर में मौजूद नहीं थे, इसलिए बाळासाहेब थोरात और जयश्री थोरात दफ्तर के गेट के सामने ही सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया।

अपने नेताओं को दरवाजे पर बैठना पड़ा, यह देखकर मोर्चे में शामिल किसान बुरी तरह भड़क गए। गुस्साए किसान सीधे प्रांताधिकारी के केबिन में घुस गए और वहां रखी कुर्सियां उठाकर बाहर फेंक दीं। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। किसानों ने गुस्से में कहा, "किसानों की समस्याएं रखने के लिए मोर्चा आया है, तब प्रांताधिकारी गैरहाजिर रहते हैं, यह प्रशासन की लापरवाही की हद है।"

यह मोर्चा किसानों की अलग-अलग मांगों को लेकर प्रांताधिकारी दफ्तर पर आयोजित किया गया था। लेकिन इतना बड़ा मोर्चा दरवाजे पर आने के बावजूद जिम्मेदार अफसर गैरहाजिर रहे, जिससे आंदोलनकारियों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रांताधिकारी अरुण उंडे अपनी कुर्सी पर नहीं दिखे, यह देखकर थोरात पिता-पुत्री ने पहले तो गेट पर ही बैठकर आंदोलन शुरू किया, बाद में स्थिति बिगड़ गई। पिछले कुछ महीनों से संगमनेर तालुका में बिजली की भारी दिक्कत बनी हुई है, जिसकी वजह से किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि बांधों में पानी पर्याप्त मात्रा में है, फिर भी सिर्फ बिजली न होने के कारण फसलों को पानी नहीं दिया जा पा रहा है। नतीजा यह कि हाथ आते-आते फसलें पानी की कमी से सूख रही हैं। इसी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए किसानों ने सीधे प्रांताधिकारी दफ्तर पर मोर्चा निकाला था। लेकिन मोर्चे के वक्त भी प्रांताधिकारी दफ्तर में मौजूद नहीं थे, जिससे किसानों का गुस्सा और भड़क गया और उग्र हुए किसानों ने दफ्तर के अंदर घुसकर कुर्सियों की तोड़फोड़ कर दी।

इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासन में हड़कंप मच गया।

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