वाशिम में मनसे का मोर्चा, सूखा घोषित न होने पर आंदोलन की चेतावनी
वाशिम जिले में बारिश के खंड की वजह से खरीफ फसलें संकट में, मनसे ने जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकालकर सरकार को ८ दिनों का अल्टिमेटम दिया
वाशिम जिले में पिछले डेढ़ से दो महीने से बारिश ने बड़ा गैप दिया है, जिसकी वजह से खरीफ की फसलें संकट में आ गई हैं. सोयाबीन, तूर, कापूस जैसी कई फसलों पर बारिश की कमी का बुरा असर पड़ा है और किसानों की पैदावार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. इसी को लेकर बुधवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे की तरफ से सैकड़ों किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर आक्रोश मोर्चा निकाला. मनसे की मांग है कि सरकार वाशिम जिले में तुरंत सूखा घोषित करे और किसानों को आर्थिक मदद दे. साथ ही मनसे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने ८ दिनों में ठोस फैसला नहीं लिया, तो किसानों के लिए तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा.
यह मोर्चा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक से शुरू हुआ. किसान और मनसे पदाधिकारी हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए मोर्चे में शामिल हुए. बस स्टेशन, जिला क्रीड़ा संकुल, देशमुख हॉस्पिटल, सिविल लाइन, सरकारी विश्रामगृह होते हुए यह मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचा. जिले में लंबे समय से बारिश गायब रहने की वजह से खरीफ सीजन की फसलों की बढ़त रुक गई है. कुछ इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है और पैदावार घटने की आशंका बन गई है. पहले से ही बढ़ती उत्पादन लागत, महंगी खाद-बीज, मजदूरी और जुताई का खर्च झेल रहे किसान पहले से आर्थिक दिक्कत में हैं, और अब बारिश के गैप ने संकट और गहरा कर दिया है.
मोर्चे में शामिल किसानों और मनसे कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार सिर्फ सर्वे या आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि असल मदद की कार्रवाई करे. उन्होंने कहा कि जिले की फसलों का वस्तुनिष्ठ सर्वे करके तुरंत सूखा घोषित किया जाए, नुकसान झेल रहे किसानों को आर्थिक मदद दी जाए, फसल बीमे की भरपाई दिलाई जाए, और कर्ज वसूली पर रोक लगाई जाए. मोर्चे की वजह से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कुछ देर के लिए भीड़ का माहौल बन गया था. किसानों की मांगों पर सरकार तुरंत फैसला लेकर राहत दे, ऐसी मांग इस दौरान की गई.
मोर्चे के दौरान मनसे के जिलाध्यक्ष राजू पाटील किडसे ने किसानों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा कि सरकार वाशिम जिले की हालत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत फैसला ले. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आठ दिनों के अंदर सरकार ने ठोस फैसला नहीं लिया, तो किसानों के सवालों के लिए मनसे सड़क पर उतरकर तीखा आंदोलन करेगी.
इस मोर्चे में करंजा-मानोरा जिला उपाध्यक्ष अमोल लुलेकर, रिसोड मालेगाव उपजिलाध्यक्ष अतीश डहाळ, वाशिम-मंगरुळपीर उपजिलाध्यक्ष उमेश टोलमारे, कृषी सेना जिलाध्यक्ष विठ्ठल भाऊ राठोड, वाशिम तालुकाध्यक्ष विठ्ठल राठोड, मंगरुळपीर तालुकाध्यक्ष लक्ष्मण जाधव, रिसोड तालुकाध्यक्ष योगेश, मानोरा तालुकाध्यक्ष संतोष घोडे, मालेगाव तालुकाध्यक्ष ज्ञानेश्वर गवळी, करंजा शहराध्यक्ष कपिल महाजन, मालेगाव कृषी सेना तालुकाध्यक्ष रवी पवार, वाशिम शहर उपाध्यक्ष गजानन इंगोले और उपशहराध्यक्ष आकाश लोलप सहित मनसे के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए.
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