चंद्रपूर की कलेक्टर वसुमना पंत जिवती तालुका पहुंचीं, स्कूल छूटे बच्चों के घर भी गईं
जिवती तालुके में जिल्हाधिकारी वसुमना पंत और जिल्हा परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने सेहत, पढ़ाई और गांव विकास के कामों का जायजा लिया।
चंद्रपूर जिले के जिवती तालुके में चंद्रपूर की जिलाधिकारी वसुमना पंत और जिल्हा परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह ने एक दिन का दौरा किया। इस दौरे में दोनों अधिकारियों ने सेहत, पढ़ाई और गांव के विकास से जुड़े कामों की सीधी पड़ताल की।
दौरे की शुरुआत शेणगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हुई, जहां जिलाधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने माता सखी कार्यक्रम की जानकारी ली। सेंटर के अलग-अलग विभागों में घूमकर वहां मिल रही सेहत की सुविधाओं और सेवाओं को देखा गया। इसी दौरान जिलाधिकारी ने माता सखियों से बातचीत की, उनका काम कैसा चल रहा है यह पूछा, और मां तथा बच्चे की सेहत के लिए और बेहतर तरीके से काम करने की सलाह दी।
इसके बाद अफसरों ने शेणगांव ग्रामपंचायत इलाके के दो ऐसे बच्चों के घर जाकर देखा, जो स्कूल नहीं जा रहे थे। बच्चों और उनके मां-बाप से सीधे बात की गई और पता किया गया कि आखिर बच्चे स्कूल क्यों छोड़ बैठे हैं। पालकों को बच्चों की नियमित पढ़ाई की अहमियत भी समझाई गई। संबंधित टीचरों को साफ निर्देश दिए गए कि ऐसे बच्चों को फिर से स्कूल में लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, उनके पालकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए, और कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए, इसका खास ध्यान रखा जाए।
शेणगांव में बन रही एक बड़ी लाइब्रेरी को भी जिलाधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने देखा। साथ ही जिल्हा परिषद के मॉडल स्कूल की बिल्डिंग जाकर वहां मिल रही सुविधाओं और चल रहे कामों की जानकारी ली।
इसके बाद टीम लांबोरी ग्रामपंचायत पहुंची। यह गांव टाटा मोटर्स की सीएसआर यानी सामाजिक जिम्मेदारी योजना के तहत गोद ली गई पांच ग्रामपंचायतों में से एक है। यहां लगे हेल्थ कैंप को देखा गया और वहां चल रहे अलग-अलग कामों का जायजा लिया गया। लांबोरी के हेल्थ सब-सेंटर पर भी अफसरों ने जाकर सेहत की सुविधाओं के बारे में पूछा और स्थानीय स्तर पर आ रही दिक्कतों को भी सुना।
दौरे के आखिर में पंचायत समिति, जिवती में आकांक्षित तालुका कार्यक्रम के तहत चल रहे कामों का रिव्यू हुआ। अधिकारियों ने कहा कि सेहत, पढ़ाई और गांव विकास से जुड़ी योजनाओं को ठीक तरीके से लागू करने के लिए और लोगों तक सरकारी योजनाओं का असली फायदा पहुंचाने के लिए सभी विभागों को आपस में तालमेल बिठाकर काम करना होगा।
इस दौरे में राजुरा के उपविभागीय अधिकारी रवींद्र माने, जिवती की तहसीलदार रुपाली मोगरकर और गटविकास अधिकारी लक्ष्मीनारायण दोडके के अलावा संबंधित विभागों के कई अफसर और कर्मचारी भी मौजूद थे।
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