महाराष्ट्र में सूखे पर हर हफ्ते समीक्षा के लिए कैबिनेट कमेटी, फडणवीस ने राहत का भरोसा दिया
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के कई हिस्सों में बनते सूखे जैसे हालात को देखते हुए हर हफ्ते समीक्षा के लिए एक कैबिनेट सब-कमेटी बना दी है।
महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनती देख राज्य सरकार ने अब एक अलग कैबिनेट सब-कमेटी बना दी है, जो हर हफ्ते हालात की समीक्षा करेगी और प्रभावित जिलों में राहत व उपायों के काम पर नजर रखेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को यह फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से मदद का इंतजार किए बिना जमीनी हालात के मुताबिक फौरन कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने म्युनिसिपल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शहरों में लोगों को पीने का पानी पूरा मिले, इसके लिए बढ़ते पानी की किल्लत से निपटने के इंतजाम किए जाएं।
यह कैबिनेट सब-कमेटी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की अगुवाई में बनी है और इसमें सीनियर मंत्री शामिल हैं। यह कमेटी हर हफ्ते सूखे जैसी स्थिति की समीक्षा करेगी और प्रभावित इलाकों में उपायों को लागू करने पर नजर रखेगी।
सूखे को लेकर बड़े पॉलिसी फैसले मुख्यमंत्री फडणवीस खुद लेंगे, लेकिन इसके लिए वे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार से सलाह-मशविरा करेंगे।
फडणवीस ने कहा कि जहां जरूरत होगी वहां राज्य केंद्र सरकार से मदद मांगेगा, लेकिन इस मदद के इंतजार में फैसले या राहत के काम टाले नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हालात का आकलन करती रहेगी और उसी हिसाब से जवाब देगी।
राज्य में खेती को हो रहे नुकसान, पानी की किल्लत और बारिश की कमी को लेकर चिंता बढ़ रही है। हाल में सूखे को औपचारिक तौर पर घोषित करने और किसानों को मदद देने की मांग पर भी चर्चा चल रही है।
महाराष्ट्र विकास आघाडी के सांसदों ने सूखे के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की मांग रखी है। इस पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि केंद्र ने हमेशा सूखे और किसानों की परेशानी के वक्त महाराष्ट्र की मदद की है, इसलिए राज्य की जमीनी हकीकत सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।
बावनकुळे ने कहा कि असली हालात मोदी तक पहुंचनी चाहिए और उन्हें भरोसा है कि केंद्र राज्य की जरूरतों पर पॉजिटिव जवाब देगा।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा था कि राज्य प्रशासन उन किसानों की मदद के लिए कदम उठा रहा है जिनकी फसल खराब हुई है और जो पानी की किल्लत झेल रहे हैं। मुंडे ने बताया कि सरकार प्रभावित इलाकों से रिपोर्ट जमा कर रही है और किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने फडणवीस सरकार के 32,000 करोड़ रुपए के कर्जमाफी और किसानों के बिजली बिल माफ करने के फैसले का भी जिक्र किया।
पंकजा मुंडे ने कहा, "गार्डियन मिनिस्टर और कैबिनेट मंत्री होने के नाते हमें पानी की स्थिति और किसानों की तकलीफ की बहुत फिक्र है।" उन्होंने कहा कि सरकार हालात का जायजा ले रही है और किसानों को मदद देगी।
यह कैबिनेट पैनल पानी की उपलब्धता, खेती के नुकसान और सूखे जैसे हालात के दूसरे असर पर नजर रखने और जिलों में राहत के काम को कोऑर्डिनेट करने के लिए बनाया गया है। राज्य सरकार आगे राहत के फैसले लेने से पहले जमीनी स्तर का डेटा जुटाती रहेगी।
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